लघुकथा* *विनम्रता*
*लघुकथा* *विनम्रता* फ़टे पुराने कपड़े पहने एक हाथ मे लाठी और दूसरे हाथ मे छाता लिए धीरे -धीरे कदम रखते हुए थका -थका सा एक बूढ़ा एक बड़े से होटल के अंदर आया । किसी ने उसकी ओर ध्यान नही दिया,लेकिन एक युवा कर्मचारी मुरली की नजर उस बूढ़े व्यक्ति पर पड़ी दौड़कर उसके पास…
