आदिवासी समाज की 36 सूत्रीय मांगों पर कलेक्टर ने की समीक्षा

सड़क, बिजली, पेयजल, वनाधिकार पट्टा और आवास से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा

जिला पंचायत सभाकक्ष में समाज प्रतिनिधियों के साथ हुई सार्थक बैठक

गरियाबंद – जिला पंचायत सभाकक्ष में आज कलेक्टर श्री बी.एस. उइके की अध्यक्षता में आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान पुलिस अधीक्षक  वेदव्रत सिरमौर, वनमण्डलाधिकारी  शशिगानंदन के, उदंती-सीतानदी टाईगर रिजर्व के उप निदेशक श्री वरूण जैन, जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में आदिवासी समाज द्वारा विभिन्न ग्रामों की मूलभूत समस्याओं एवं विकास कार्यों से संबंधित 36 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था। मांगों में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, वनाधिकार पट्टा, आवास, सामुदायिक भवन, विद्युतीकरण, रोजगार एवं वनोपज के उचित मूल्य सहित विभिन्न विषय शामिल रहे। बैठक के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में पेयजल संकट, जर्जर सड़कों, बिजली की कमी, स्कूल भवनों की मरम्मत, अतिरिक्त कक्ष निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार तथा पात्र परिवारों को वनाधिकार पट्टा और आवास योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग रखी। साथ ही कमार समुदाय के परिवारों के लिए आजीविका, रोजगार एवं आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।कलेक्टर श्री उइके ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों के प्रकरणों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा आधारभूत सुविधाओं से संबंधित मांगों पर नियमानुसार कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। बैठक में विभिन्न ग्रामों में स्वीकृत एवं प्रगतिरत निर्माण पूर्ण-अपूर्ण कार्यों की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ आदिवासी समुदाय के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए भी निरंतर प्रयास किए जाएंगे। बैठक में समाज के प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच विभिन्न मुद्दों पर सार्थक चर्चा की गई।