कोरोना महामारी रोकने में छत्तीसगढ़ सरकार नाकाम, नैतिकता के आधार पर सामुहिक इस्तीफा दे भूपेश सरकार:- डॉ. रामकुमार साहू

कोरोना महामारी रोकने में छत्तीसगढ़ सरकार नाकाम, नैतिकता के आधार पर सामुहिक इस्तीफा दे भूपेश सरकार:- डॉ. रामकुमार साहू

जामगांव:-छत्तीसगढ़ प्रदेश में लगातार बढ़ रही कोरोना महामारी और राज्य सरकार के द्वारा इनसे बचने के उपाय ठीक ढंग से नही कर पाने पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुवे भारतीय जनता पार्टी गरियाबंद के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रामकुमार साहू ने कहा कि, जब कोरोना महामारी हमारे प्रदेश में अपनी दूसरी चरण के निचले पायदान पर थी तब यहा के मुखिया असम के चाय बागानों की सैर कर रहे थे,वे प्रदेश की चिंता को छोड़कर अपने शीर्ष नेतृत्व के आदेशों का पालन कर रहे थे,यदि समय रहते फैसले लिये होते तो आज राज्य में जो हाहाकार कोरोना महामारी के नाम से फैली हुई है और जो विकराल स्थिति पैदा हुई है वह नही होती। उन्होंने आगे कहा कि जिस रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज को देश के अन्य राज्यो ने कोरोना के चलते नही कराया उसे हमारे प्रदेश के मुखिया ने बिना सोचे समझे चंद रुपयों के लाभ कमाने हेतु करवाया,उस मैच में राजनांदगांव और दुर्ग के रास्ते महाराष्ट्र से लगभग 10 हजार लोग प्रत्येक मैच में आते थे,हमारे यहाँ ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग मैच देखने जाया करते थे,मैच के दौरान ना तो सामाजिक दूरी का पालन किया गया और ना ही मास्क लगाकर लोगो को आने के लिये कोई कड़े नियम बनाये गये, मुख्यमंत्री जी प्रदेश के सम्माननीय और गरिमामयी व्यक्ति है जिनके व्यक्तित्व से लोगो को प्रेरणा मिलती है वे स्वयं अपनी मंत्रिमंडल के साथ बिना मास्क लगाये मैदान में नजर आये, सबको फ्री में पास बांटा गया, जब प्रदेश के मुखिया ही नियमो का पालन नहीं करेंगे तो आम जनता की बिसात ही क्या है, इस कारण भी कोरोना अपना विकट रूप हमे दिखा रही है। प्रदेश में जगह जगह मड़ाई मेला का आयोजन किया गया वहा पर भी किसी प्रकार से कोरोना महामारी से बचाव के कोई भी नियम कानून को लागू नही किया गया,यही कारण है कि आज हमारे प्रदेश में चारो ओर कोरोना को लेकर हाहाकार मचा हुवा है। इसका एक कारण यह भी है कि प्रदेश के मुखिया और स्वास्थ्य मंत्री के द्वारा पहले तो अफवाह फैलाया गया कि कोरोना की जो वैक्सीन आयी है वह पूरी तरह से सुरक्षित नही है,इस कारण हमारा प्रदेश अन्य राज्यो की तुलना में काफी पीछे हो गया, लेकिन जब वैक्सीन का असर जब पूरे देश मे दिखने लगा,स्वयं देश के प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के लोगो ने पात्रतानुसार जब वैक्सीन लगवा लिये तब कही जाकर छत्तीसगढ़ सरकार वैक्सीन के प्रति सचेत हुई,आलम तो यह है कि वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार की संसदीय सचिव जिनकी उम्र 45 वर्ष नही हुई है वह भी चोरी छिपके जाकर भारत सरकार की गाइड लाइन को दरकिनार करते हुवे वैक्सीन लगवा रही है, जबकि नियम यह कहता है कि जिनकी उम्र 45 वर्ष हो गयी है केवल वे ही वैक्सीनेशन के लिये पात्रता रखते है।
स्थानीय समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनलों के माध्यम से यह जानकारी मिल रही है कि प्रदेश में हालात बद से बदतर हो गये है,अस्पतालों में जगह नही है, कोरोना के कारण मृत्युदर अचानक से बढ़ गयी है,यहा तक कि मुक्तिधाम में भी लोगो को शवदाह करने के लिये जगह नही मिल रही है, सरकार को लोगो के लिये अस्थायी अस्पताल बनाने चाहिये लेकिन वह अस्थायी अस्पताल की जगह पर नये मुक्तिधाम बनाने में लगी हुई है। प्रदेश की जनता को धोखा देकर और गंगाजल की झूठी कसम खाकर सत्ता में आने वाली सरकार ने आज प्रदेश की जनता को बेबस और लाचार बना दिया है,कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ सरकार कोरोना महामारी को रोकने में पूरी तरीके से असफल और नाकाम दिखाई दे रही है,इसलिये नैतिकता के आधार पर भूपेश सरकार और उसके मंत्रिमंडल को तत्काल सामुहिक रूप से इस्तीफा दे देना चाहिये।