जो हौसलों से उड़ाने भरते हैं या भरने वाले हैं उनके लिए कुछ मुक्तक प्रस्तुत हैं- 1.
जो हौसलों से उड़ाने भरते हैं या भरने वाले हैं उनके लिए कुछ मुक्तक प्रस्तुत हैं- 1. उड़ने के लिए सारा आसमान बाकी है आगे बढ़ करना हौसलों से ऐलान बाकी हैं मत रुकें यहाँ चलते रहना यही जीवन है इस धरा का अभी बढ़ाना सम्मान बाकी है।। 🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁 2. शेरों की तरह चलना सीख…
