ग्रामीणों ने लगाए कीमती पेड़ों की कटाई के गंभीर आरोप
नारायणपुर/सोनपुर :- ग्राम सोनपुर स्थित आदिवासी बालक छात्रावास के अधीक्षक मनकू नेताम को लेकर ग्रामीणों ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि छात्रावास से लगी करीब 5 एकड़ सरकारी जमीन पर बड़ी संख्या में कीमती पेड़ मौजूद थे, जिन्हें कथित रूप से कटवाकर जमीन को खेत के रूप में तैयार किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, पेड़ों की कटाई का काम कथित तौर पर छात्रावास से जुड़े कर्मचारियों से करवाया गया। आरोप है कि पेड़ों को हटाने के बाद सरकारी जमीन को साफ कर उसे कृषि भूमि के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी की गई। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला केवल पेड़ों की कटाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी भूमि पर कब्जे और उसके स्वरूप को बदलने का गंभीर विषय भी बन सकता है।
ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर सरकारी जमीन पर मौजूद कीमती पेड़ों को किसके आदेश पर काटा गया? क्या संबंधित विभाग से इसकी अनुमति ली गई थी? करीब 5 एकड़ जमीन को साफ कर खेत के रूप में तैयार करने की अनुमति किसने दी? और यदि जमीन सरकारी है तो उस पर खेती या कब्जे की कोशिश कैसे हुई?
मामले में वन विभाग, राजस्व विभाग और आदिवासी विकास विभाग द्वारा मौके का निरीक्षण कर जमीन का सीमांकन, पेड़ों की स्थिति तथा कटाई की वास्तविकता की जांच किए जाने की मांग उठ रही है।
यह भी जांच का विषय है कि यदि पेड़ों की कटाई हुई है तो काटी गई लकड़ी कहां गई और सरकारी जमीन को साफ करने के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था।
ग्रामीणों के आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। संबंधित विभाग द्वारा मौके की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाना अब जरूरी हो गया है।
