सरकार दारूभट्ठी म बढ़ोत्तरी करे के बलदा पानी छेंके के व्यवस्था म बढ़ोत्तरी बर गुनतिस तब तो?

गरमी के दिन म अब पीए के पानी के चिंता करे ले नइ लागय तइसे जनावत हे जी भैरा. -काबर अइसन गोठियाथस जी कोंदा.. हर बछर के मुड़पीरवा जिनिस होगे हे गरमी म पानी के कमी ह? -ए बछर सरकार ह गाँव मन म उपराहा दारूभट्ठी खोले हावय न.. फेर अब एदे जम्मो किसम के…

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अपनी जीवन की अहमियत समझो।

एक बार की बात है, किसी जंगल में एक कौवा रहता था, वो बहुत ही खुश था, क्योंकि उसकी ज्यादा इच्छाएं नहीं थीं। वह अपनी जिंदगी से संतुष्ट था, लेकिन एक बार उसने जंगल में किसी हंस को देख लिया और उसे देखते ही सोचने लगा कि ये प्राणी कितना सुन्दर है, ऐसा प्राणी तो…

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 बाड़े की कील बहुत समय पहले की बात है, एक गाँव में एक लड़का रहता था. वह बहुत ही गुस्सैल था, छोटी-छोटी बात पर अपना आप खो बैठता और लोगों को भला-बुरा कह देता. उसकी इस आदत से परेशान होकर एक दिन उसके पिता ने उसे कीलों से भरा हुआ एक थैला दिया और कहा कि…

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अभ्यास की शक्ति का तो कहना ही क्या हैं।

प्राचीन समय में विद्यार्थी गुरुकुल में रहकर ही पढ़ा करते थे।. बच्चे को शिक्षा ग्रहण करने के लिए गुरुकुल में भेजा जाता था। बच्चे गुरुकुल में गुरु के सानिध्य में आश्रम की देखभाल किया करते थे. और अध्ययन भी किया करते थे। वरदराज को भी सभी की तरह गुरुकुल भेज दिया गया। वहां आश्रम में अपने साथियों के…

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दहेज के लोभी ।

बालोद :- विवाह मंडप में दुल्हा के पिता त्रिलोकचंद ने आक्रोश में साफ-साफ कहा, “हमें तो पूरे रुपए चाहिए। हमने शादी में पांच लाख लेने के लिए तय किया था। परंतु तीन ही लाख दे रहे हैं गहने भी कम है।” वधू के पिता नाथूराम ने कहा,” हम कुछ दिनों में और रुपए की व्यवस्था…

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असल कमई…

एक दिन के बात आय शहर के जुन्ना स्कूल म उहि स्कूल म पढ़ के निकले लइका मन के संगवारी मिलन समारोह होवत रिहिस हे,जेमा वो स्कूल के वो लइका मन ह आए रिहिस हे जेन मन ह इहि इस्कुल म पढ़ लिख के इंजीनियर,डॉक्टर, नेता, पुलिस, वकील अऊ न जाने का का नौकरी पा…

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मनुष्य के जीवन मे क्षमा का बहुत बड़ा महत्व है।

धमतरी:- एक सेठ जी ने अपने छोटे भाई को तीन लाख रूपये व्यापार के लिये दिये। उसका व्यापार बहुत अच्छा जम गया, लेकिन उसने रूपये बड़े भाई को वापस नहीं लौटाये। आखिर दोनों में झगड़ा हो गया, झगड़ा भी इस सीमा तक बढ़ गया कि दोनों का एक दूसरे के यहाँ आना जाना बिल्कुल बंद…

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रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई-बहन के स्नेहिल प्रेम।

स्नेहिल  प्रेम नेहा के जिद्द ने रामसाय को झुका दिया। उनकी अकड़ ढीली हो गई। पत्नी सुलोचना भी बार-बार यही कह रही थी कि एक बार जाकर तो देखो वे लोग जाग रहे होंगे। रात्रि के करीब 10 बज गए थे रामसाय पूरी तरह घबराया हुआ था कि उनके घर में कौन सा मुंह लेकर…

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भक्त के वश में भगवान।

धमतरी :- एक गरीब बालक था जो कि अनाथ था। एक दिन वो बालक एक संत के आश्रम मेँ आया और बोला के बाबा आप सबका ध्यान रखते है, मेरा इस दुनिया मेँ कोई नहीँ हैँ तो क्या मैँ यहाँ आपके आश्रम मेँ रह सकता हूँ ?बालक की बात सुनकर संत बोले बेटा तेरा नाम…

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