सरकार दारूभट्ठी म बढ़ोत्तरी करे के बलदा पानी छेंके के व्यवस्था म बढ़ोत्तरी बर गुनतिस तब तो?

गरमी के दिन म अब पीए के पानी के चिंता करे ले नइ लागय तइसे जनावत हे जी भैरा.

-काबर अइसन गोठियाथस जी कोंदा.. हर बछर के मुड़पीरवा जिनिस होगे हे गरमी म पानी के कमी ह?

-ए बछर सरकार ह गाँव मन म उपराहा दारूभट्ठी खोले हावय न.. फेर अब एदे जम्मो किसम के शराब मन के कीम्मत म घलो कमी कर देहे काहत हें.

-त एकर ले का होही जी?

-वाह.. लोगन अब पानी के बलदा शराब पिहीं त पानी के खपत कमतियाही नहीं जी.

-टार बुजा ल कइसे अनफभिक गोठियाथस.

-बने गोठियाथँव संगी.. महतारी वंदन के पइसा ल सुवारी मन झोंकहीं तेला नँगा-नँगा के वोकर आदमी मन दारू पीहीं.

-हट तो ननजतिया नहीं तो.. मोला अइसन बेलबेलही गोठ ह सुहावय नहीं.. अभी मार्च के महीना म इहाँ गरमी ह 40 डिग्री ल अमर डारे हे, त अवइया बेरा म कतका रार मचाही तेने ल गुन के मोर माथा ह भन्नाय असन लागत हे, फेर ए बछर जेन बाँधा मन ले पानी दे जाथे तेनो मन उन्ना-उन्ना हें बताथें।

सरकार दारूभट्ठी म बढ़ोत्तरी करे के बलदा पानी छेंके के व्यवस्था म बढ़ोत्तरी बर गुनतिस तब तो?