हे माता !  सबका कल्याण व मंगल हो।

 !! नवरात्रि पूजन !!

नौ रूपों में पूजी जाती हो,

शक्ति स्वरूपा माँ दुर्गा कहलाती हो,

शैलपुत्री कुष्मांडा माँ भगवती तेरा नाम है,

तुझसे ही सृष्टि सर्व गतिमान है।

अश्विन चैत्र मास में आती हो,

भक्तों पर दया दृष्टि कर जाती हो,

तेरी महिमा का क्या गुणगान करूँ,

नौ रूपों में पूजी जाती हो।

लाल चुनरी गुड़हल तुझे भाता है,

हलवा पुरी का भोग लगाता है,

ऊंचे पर्वत पर तेरा बसेरा है,

तेरे शक्ति से सृष्टि का सवेरा है।

दुर्गा सप्तशती का करके पाठ,

भक्त बांधे तेरे भक्ति का गांठ,

माँ सिद्धिदात्री तू कहीं जाती है,

तेरी शक्ति जग में बखानी जाती है,

या देवी सर्वभूतेषु मंत्र का जाप करूँ,

क्षमा याचना बारम्बार करूँ,

स्थापना कलश रख अखंड ज्योति जलाकर ,

नौ देवी को कोटि-कोटि प्रणाम करूँ।

  -श्रीमती ज्योति राघव सिंह 

   भारतीय कवयित्री-लेखिका

   वाराणसी, उत्तर प्रदेश,भारत।

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