” अप्पो दीपो भवः “
” अप्पो दीपो भवः “ अपने हिस्से की लड़ाई, खुद ही लड़ना पड़ता है| एक बार को कौन कहे, बार-बार मरना पड़ता है|| सत्य की तलाश हेतु, सदैव बुद्ध बनना पड़ता है| धर्म की जय-जयकार हेतु, युद्ध लड़ना पड़ता है|| यह दुनियाँ एक कुरुक्षेत्र है, कोई कौरव,कोई पांडव| मौन तपस्वी चुप्पी साधे, अधर्मी कर रहे…
