रविवारीय प्रेरक कहानी में आपका स्वागत हैं जीवन में बदलाव l 

जीवन में बदलाव  
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सोनू दौड़ते हांफते एक आश्रम में पहुंचा। आश्रम में गुरुजी के चरणों में गिरकर बोला, “गुरुदेव जी मुझे बचा लीजिए । मेरे पीछे पुलिस लगी हुई है । मैं बहुत बड़ा चोर, बदमाश एवं लुटेरा व्यक्ति हूं। मेरे जीवन में सुधार हो ऐसी बातें मुझे बताइए ,जिससे मेरा कल्याण हो।”
गुरुदेव जी ने कहा, “सारे बुराई छोड़ दो। तुम्हारा कल्याण हो जाएगा।”
एक महीने बाद फिर गुरुदेव जी के पास गया और कहा, “गुरुजी मैं आदत से लाचार हूं ,बुराई छोड़ नहीं पा रहा हूं । कोई सस्ता नुक्सा बताइए?
गुरुदेव जी ने कहा, ” बुरा कर्म छोड़ नहीं सकते हो तो झूठ बोलना छोड़ दो, सदैव सत्य बोलो।”
एक दिन सोनू अर्ध रात्रि में घर से निकला तो उसकी मां बोली, “बेटा, कहां जा रहे हो ?
सोनू को बताना पड़ा, “चोरी करने।”
मां बोली, “बेटा, “मेहनत की कमाई खाओ,चोरी करना बहुत गलत बात है।”
दूसरे दिन सोनू घर से निकला तो द्वार पर खड़ी पत्नी पूछ बैठी, “कहां जा रहे हो?”
सोनू को साफ-साफ कहना पड़ा, “मैं शराब पीने और जुआ खेलने जा रहा है।” फिर विचार किया और गलत कर्म नहीं किया और घर वापस आ गया।
कुछ दिन बाद सोनू आश्रम गया तो गुरुजी ने पूछा, “क्या हालचाल बेटा?” तब सोनू ने कहा, “धन्यवाद गुरुजी! आपकी कृपा से मेरा जीवन बदल गया। पहले मैं कुकर्मी था, झूठ बोलता था। अब मैं झूठ नहीं बोलता हूं और सद्कर्म करता हूं।”

नजरे बदली तो, नजारे बदल गये।
किश्ती ने रुख बदला तो, किनारे बदल गये।।

लेखक
दिनेंद्र दास
कबीर आश्रम करहीभदर,
अध्यक्ष, मधुर साहित्य परिषद् , तहसील इकाई बालोद,जिला- बालोद (छत्तीसगढ़)
मो.नं.8548 6665