रविवारीय प्रेरक कहानी में आपका स्वागत है
सहृदय अगसिया भोजन कर रही थी तभी एक साथ वर्षीय बच्ची गली (खोर) से दौड़ती हुई आई और दादी मां… दादी मां.. . कहती हुई अगसिया की गोद में बैठ गई ।अगसिया बच्ची को गोद में पाकर प्रफुल्लित हो थी और उस बच्ची को अपने हाथ से भोजन खिलाने लगी। कभी खुद खाती तो कभी…
