एक शहीद के अंत्येष्टि।

सुसक सुसक महतारी रोये, रोय ददा मुँह फार।
आज तिरंगा ओढ़ आय हे, भारत के रखवार।।
गाँव शहर सब कलपत हावय,रोवत तरिया पार।
नता सबो सुसकै सुरता मा,धर-धर आँसू ढ़ार।।
आज तिरंगा ओढ़ आय हे,..जिसमें

कोन पढ़े आँसू के भाखा, नैनन नीर बहाय।
नौं महिना जे रखे पेट मा,भाग अपन सहराय।।
छूट डरे तैं कर्ज दूध के,बढ़े तिरंगा शान।
मोर कोंख हा पावन होगे,पाके पूत महान।।
अमर रहे जा नाम जगत में,कुल के तारनहार।।
आज तिंरगा ओढ़ आय हे……………………….

हाथ गोड़ हा मोर टूटगे,टूटिस जबर पहाड़।
जेन खाँध मा जाना मोला, सुतगे हाबय ठाड़।।
लेग जते मालिक मोला तैं,मरे परे मैं हाड़।
कोन दिही आगी पानी अब,घर हा परे उजाड़।।
हाय ददा हा रोवत भारी,चारो खुँट अँधियार।।
आज तिरंगा ओढ़ आय हे,………

बिलख बिलख बहिनी ब्याकुल हे,करम फूटगे मोर।
सुख दुख मा अय शोर करैया, संग छूटगे तोर।।
संकट मा जब देश फँसे तब,राखी धरम निभाय।
लाखों बहिनी के रक्षा बर,तैंहर प्राण गवाँय।।
धीरज कोन धरावय मन ला,दुख के घड़ी अपार।।
आज तिरंगा ओढ़ आय हे,…………

कलप-कलप के तिरिया रोवय,उजर गये अहिवात।
आज सबो सुरता आवत हे,गुजरे दिन के बात।।
तोर नाम के चूड़ी बिंदी, पहिरँव जनम हजार।
हे शहीद के विधवा बनना, बार बार स्वीकार।।
जय हिंद जय भारत माता, कोरा अपन सम्हार।।
आज तिरंगा ओढ़ आय हे,………………………

सब रोवत हे वो हाँसत हे,मुख मा हे संतोष।
ना कोनो दुविधा हे मन मा,ना कोनो अफसोस।।
मरत मरत सौं ला मारे हँव,बाँचे क्षण अनमोल।
साँस आखिरी ललकारे हँव,भारत के जय बोल।।
रहे सलामत मोर देश हा,करत हवौं जोहार।।
मोर देश के माटी पैंया,लागव बारम्बार……….. मोर देश के……..