
मुड़ागांव/कोरासी:-गरियाबंद जिले के ब्लॉक मुख्यालय छुरा से महज 5 किलोमीटर दूरी में लगा हुआ ग्राम पंचायत लोहझर के खट्टी कमारपारा में विशेष पिछड़ी कमार जनजाति परिवारों की आर्थिक स्थिति आज भी खराब जिनके चलते बच्चों के पढ़ाई लिखाई में अनेकों कठिनाइयां हो रही है कमारपारा में कुछ बच्चों ने गरीबी के चलते पढ़ाई छोड़ भी चुके हैं लेकिन जो बच्चे पढ़ रहे हैं अब उन बच्चों को भी मुश्किलें पढ़ने में विधवा महिला सुखवंतिन बाई(35) ने बताएं उनके पति की मृत्यु के बाद अपने पाच बच्चों को पढ़ाई में अनेकों कठिनाइयां आ रहा है जिसके चलते मेरे बड़े बेटे पदुमलाल 5वी तक पढ़ाई ही पढ़ाई की एक बेटी प्रेमलता भी पढ़ाई छोड़ चुकी है। लेकिन तीन बेटियां मेरी पड़ रही है और मैं तीनों के लिए कपड़े पुस्तक कॉपी पेन भी नहीं खरीद पा रही हूं ऐसे में मेरे बेटियों की सपना पूरा करना मुश्किल होते जा रही है मेरी बड़ी बेटी प्रीति अपने स्कूल पिपरछेड़ी में 11वीं में 78%अंकों से पास हुई है उनका सपना आगे पढ़कर आईएएस अफसर बनना चाहती है अपने परिवार की दुख भरी जीवन को खुशियों में साकार करना व हमारे समाज के गरीब वर्ग के लोगों की मदद करना चाहती है। वही सुखन कमार ने बताया मेरी पत्नी के चले जाने के बाद से मेरे दोनों बेटे पढ़ाई जीवन से दूर हो चुके और मेरा छोटा भाई सुकल व बहू दोनों बीमारियों के चलते नहीं रहे उनका भी एक बेटा है सुरेश (17) वर्ष जिन्हें अपने साथ रखता हूं मेरे अपने बेटे तो पढ़ना अब नहीं चाहते लेकिन मेरे भाई के बेटे पढ़ना चाहते हैं लेकिन उनकी माता पिता की मृत्यु होने के बाद से शासन प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली जिसके चलते 7वी की अधूरी पढ़ाई कर पाए हैं शासन से मदद मिली तो आगे पढ़ना चाहते हैं ग्राम पंचायत लोहझर के खट्टी कमारपारा की समस्याओं जानकारी गरियाबंद जिले के इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी संरक्षक सदस्य समाजसेवी मनोज पटेल विशेष पिछड़ी कमार जनजाति बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना से तत्काल जोड़ने कलेक्टर से अपील किया।
