थोक सब्जी मंडी में तो टमाटर 100 से 50 रुपया कैरेट से भी कम कीमत पर बिक रही है।
राजिम :- टमाटर की कीमत पिछले डेढ़ महीने से गिर गई है जिसके चलते किसान इन दिनों बहुत परेशान नजर आ रहे हैं। थोक सब्जी मंडी में तो टमाटर 100 से 50 रुपया कैरेट से भी कम कीमत पर बिक रही है। पसरा बाजार में₹5 किलो बेची जा रही है। अब किसान जितने लागत लगाए हैं वही वसूल नहीं हो पा रही हैं तो फिर परिवार चलाने के लिए पैसे की जरूरत भी होती है उसे कहां से पूरी करें। किसानों की चिंता इतनी बढ़ गई है कि उसे समझ में नहीं आ रहा है कि जीवकोपार्जन के लिए क्या करें और क्या ना करें। बताना होगा कि बरसात के दिनों में टमाटर की कीमत इतनी बढ़ी हुई थी कि लोगों को 100 से लेकर ₹200 किलो तक में टमाटर खाना पड़ रहा था। उस समय टमाटर की लोकल आवक नहीं हो रही थी बल्कि सारे टमाटर बेंगलुरु, नासिक इत्यादि स्थानों से मंगाई जा रही थी। अब लोकल आवक होने के बाद किसान सर पकड़ लिए हैं। हमने राजिम व आसपास के किसानों से चर्चा किया। जिनमें हेमलाल पटेल, प्रीतम साहू, छोटू सोनकर ने बताया कि बाड़ी लगाए हैं। दिन-रात उनकी सेवा कर रहे हैं। गर्मी में पानी जल्दी सूख जाता है इसलिए बार-बार सिंचाई करना होता है। खाद की कीमत लगातार बढ़ रही है। दवाई तो हजार से कम में आता ही नहीं। छिड़कने के लिए भी मजदूरी दर बहुत ज्यादा हो गई है। खुद से होकर छिड़काव करते हैं। स्प्रे मशीन को पीठ पर लादे लंबा समय हो जाता है तो दर्द भी करने लगता है। सब कुछ सह रहे हैं और इस बार तो टमाटर की फसल भी अच्छी हुई है लेकिन क्या करें, कीमत नहीं मिल रही है। थोक सब्जी मंडी ले जा रहे हैं वहां अधिकतम 50 से लेकर₹100 तक के रेट में बिक रही है। टमाटर को तोड़ने के लिए आने वाले मजदूर सौ से डेढ़ सौ रुपए लेते हैं। अब हम जो बेचकर लाते हैं उन्हें तो तोड़ाई करने वाले मजदूरों को दे देते हैं। यहां तक की मंडी तक ले जाने के लिए गाड़ी किराया करते हैं उसका राशि भी निकल पाना मुश्किल हो जाता है। टमाटर की कीमत गिरने से हमें बहुत नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी तरह से किसान संतोष सोनकर, मनीराम, ओम प्रकाश, ललित कुमार, गोपाल, परमेश्वर, गणेश, नेमीचंद साहू ने बताया कि यूरिया की कीमत 400 के लगभग हो गई है। डीएपी खाद 1300 से लेकर 18- 1900 तक में मिलते हैं। टमाटर की फसल में पहले थरहा डालते हैं। पौधा तकरीबन 1 फीट ऊंचाई के होने के बाद ही बाड़ी में ले जाकर लगते हैं। पानी पलाते हैं। उसके बाद कोडाई करते हैं। दो बार कोड़ाई पश्चात इसमें खाद भी डालते हैं दवाई छिड़कते हैं इन सब कामों में खूब पैसा खर्च होता है। लागत तो लगते हैं। कीमत अच्छी मिल जाए तो लागत वसूल हो जाती है और जीवकोपार्जन के लिए कुछ राशि भी इकट्ठा कर लेते हैं। ऊपर वाले ने फसल तो अच्छी दी है परंतु बाजार में टमाटर की कोई कीमत नहीं है और हमारी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है।
पसरा बाजार के व्यापारी बिक्री नहीं होने से है परेशान
पसरा बाजार के व्यापारी ठीक से बिक्री नहीं होने के कारण बहुत परेशान है। वह प्रतिदिन साइकिल, मोटरसाइकिल या फिर अन्य वाहनों में समान लादकर लाते हैं पसरा लग रही हैं लेकिन ग्राहक ठीक से नहीं आ रहे हैं आ भी रहे हैं तो मोलभाव ज्यादा हो रही है। दिन भर बैठने का रोजी ही नहीं मिल रहा है। यह व्यापारी भी बड़े परेशान नजर आ रहे हैं क्योंकि यह छोटे व्यापारी है इससे जो 100, 200 मिल जाते हैं उन्हीं से परिवार का पालन पोषण करते हैं। राजिम के पसरा बाजार में सामान बेच रही महिला ने बताया कि मात्र दो कैरेट टमाटर लाई थी बड़ी मुश्किल से एक कैरट टमाटर ही बिक पाई है एक कैरट को फिर वापस ले जा रहे हैं क्या करें भैया, धंधा मंदा हो गया है। इसी तरह से हाट बाजार में पसरा लगाकर बैठी हुई महिला ने बताया कि थोक सब्जी मंडी से सब्जी खरीदें हैं। कमीशन एजेंट को देने के लिए पैसा नहीं निकल रहे हैं। यदि उनका पैसा ना मिले तो चिल्लाते हैं। उनका कहना भी सही है उन्हें किसानों को सब्जी का पैसा देना पड़ता है। इधर सामान बिक नहीं रहे हैं तो राशि कहां से आएगी, बड़ी चिंता में है।
शहर में एक थोक मंडी तथा दो पसरा बाजार मौजूद
शहर में पंडित सुंदरलाल शर्मा चौक के आगे रायपुर रोड में पुराने सर्कस मैदान के पास सब्जी के थोक मंडी है जिसमें सामान खरीदने के लिए दलाल एवं बेचने के लिए किसान बड़ी संख्या में आते हैं। बताया जाता है कि 100 से 150 किलोमीटर की दूरी तक के लोग यहां खरीदी बिक्री के लिए उपस्थित होते हैं। यह मंडी अपना विशाल रूप लेता जा रहा है। सुबह 6:00 बजे से मंडी खुल जाती है जो दोपहर 12:00 बजे तक चलती है। लोग यहां से सब्जी खरीद कर मैनपुर, देवभोग, छुरा, अभनपुर, मंदिर हसौद, आरंग, मगरलोड, कुरूद इत्यादि क्षेत्र में जाकर विक्रय करते हैं। इस मंडी में लोकल आवक के अलावा बाहरी सामानों की भी आवक होती है जिन्हें गाड़ियों में भरकर लाया जाता है और खरीदी बिक्री होती है। मुख्य रूप से यहां गरियाबंद रोड में पंडित सुंदरलाल शर्मा चौंक से लगा हुआ हाट पसरा बाजार है। महामाया चौंक के पास भी पसरा बाजार है जहां लोग ताजी सब्जी खरीदने हैं। इनके साथ ही शहर से लगा हुआ नदी के उस पार नवापारा शहर में भी थोक सब्जी मंडी के साथ ही पसरा बाजार भी है राजिम क्षेत्र के लोग नवापारा और नवापारा क्षेत्र के लोग राजिम लेनदेन के लिए हमेशा आते जाते ही रहते हैं।
