‘छेरछेरा… छेरछेरा…’ की गूंज से गूंजा गरियाबंद,ढोल-नगाड़ों संग बच्चों ने निभाई लोक-परंपरा, घर-घर पहुंचा दान।
“ पर्व में दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति, समरसता और अपनत्व गरियाबंद – छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति और सामाजिक समरसता का प्रतीक छेरछेरा पर्व इस वर्ष भी पूरे उल्लास, श्रद्धा और सद्भाव के साथ मनाया जा रहा है। शहर से लेकर गांव तक इस पारंपरिक लोक-पर्व की रौनक देखते ही बन रही है। गरियाबंद में सुबह होते…
