महिला एवं बाल विकास मंत्री श्री राजवाड़े ने डंगरा में कुसुम वृक्ष के नीचे दी ‘बाल चौपाल’

ग्रामीण महिलाओं एवं बच्चों के साथ सहजता से संवाद संवाद

 कांकेर – प्रदेश की महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज जिले के दूरस्थ क्षेत्र में स्थित दुर्गूकोंडल ब्लॉक के ग्राम डांगरा में बाल चौपाल में आयोजित बाल चौपाल में कुसुम पेड़ के नीचे चौपाल में ग्रामीण महिलाओं एवं बच्चों के साथ सहजता से संवाद किया। यह अवसर बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा और राज्य हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत भी उपस्थित रहीं। इस दौरान बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. शर्मा ने बच्चों के बीच अलग-अलग तरह की गैर-अध्ययन सामग्री, ज्ञान-आध्यात्मिक अध्ययन और खुली प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित कीं। इस दौरान पिरामिड को महिला एवं बाल विकास मंत्री ने अपने हाथों से प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार दिया।इस अवसर पर ग्रामीण महिलाओं और बच्चों को संबोधित करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भरता, आत्मनिर्भरता और मजबूती मिली है, वहीं दैनिक शिक्षकों के नामांकन में काफी आसानी हुई है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को समझाइश देते हुए कहा कि गर्भावस्था के दौरान उन्हें विशेष रूप से पोषण पर ध्यान देना और अतिरिक्त आहार और प्रोटीन-विटामिन की आवश्यकता होती है, जिससे मां और बच्चा दोनों स्वस्थ और निरोगी हों। इस दौरान मंत्री मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने ग्रामीण महिलाओं से संबंधित विभाग के अनुमोदन और प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना का लाभ लेने की अपील की। इसके पहले, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. शर्मा ने अभ्यार्थी बच्चों के बीच साइंटिफिक साँचे का काम लिया, जिसमें गुड टच-बैड टच, लोक गीत, लोक नृत्य, व्यक्तित्व विकास, दैनन्दिनी से जुड़े साझीदार आदि शामिल थे, जिसमें बच्चों ने बारी-बारी से उत्साह साहस भाग और फ़्रिफ़ अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया।

रेडी टुट से बनी खेड से स्टार्ट अन्नप्राशन, शिशुवती महिलाओं को उद्योग की सुफानेशन डोडा महिला एवं बाल विकास मंत्री ने ग्राम डांगरा में मुख्य अतिथि के रूप में बाल चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया, जहां उन्होंने 03 नौनिहालों का अन्नप्राशन कार्यक्रम आयोजित किया। उन्होंने ग्राम डांगरा से आई श्रीमती सुकारो बाई की 05 माह की बेटी कु.रूही नरेटी को गोद में लेकर चढ़ाई रेडी तू ईट से बनी खेड खिलाकर हकीकत अदायगी की। साथ ही ग्राम हिंगपुरी की श्रीमती सुशीला बाई की बेटी कु. वामिका उइके एवं ग्राम भंडारदीगी निवासी श्रीमती मधु की पुत्री कु. लावण्या गावड़े का भी अन्नप्राशन रेडी टू ईट से तैयार खेड खिलाकर घर। इसी तरह पाँच-पाँच शिशु वाटिका को सुएनटोकाॅटरी रेस्तरां की, अन्य शिशु-गृह कु. काव्या दर्रो, इवांशी मरकाम, कनिका यादव, अनुज कुमार और संध्या दुग्गा की माताएं शामिल हुईं।

विद्यारंभ संस्कार प्रमाण पत्र प्रदान किया गया

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं अन्य कलाकारों ने 05 बाल विधान मरकाम, प्राशी कुरेटी, विकास हिडको, ग्रेसी निशाद और रियानशी टेटा को विद्यारंभ संस्कार प्रमाण पत्र जारी किए।

मॉक पर 68 महिलाओं का ई-केवैसी किया गया

बाल चौपाल कार्यक्रम के दौरान महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं की ई-केवाईसी का भी अपडेट दिया गया। इस दौरान कुल 68 महिलाओं का ई-केवाईसी दोषारोपण हुआ।

महिलाओं एवं बच्चों के साथ जमीन पर सामूहिक भोज

बाल चौपाल कार्यक्रम के बाद महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. शर्मा और राज्य हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती राजपूत ने स्थानीय आदिवासियों और ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के साथ पेड़ के नीचे जमीन पर एक साथ सामूहिक भोज किया। दुकानदारों को दोना-पत्तल में दाल, चावल, कुल्थी की सब्जी, मड़िया पेज आदि पारंपरिक व्यंजन बनाकर तैयार किया गया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी  मुकेश जैन, प्रमुख भानु प्रतापपुर  जीदी महिला एवं विभाग के अधिकारी कर्मचारी, विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थी और काफी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

चौगेल राशी केंद्र में आत्मसमर्पित महिलाओं से जाना हालचाल

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने यात्रा के दौरान भानुप्रतापपुर के ग्राम चाउगेल (मुल्ला) स्थित स्थिति केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने आत्मसमर्पित महिलाओं से बातचीत कर उनके हालचाल जाना और केंद्र में सभी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने की अनुमति दी। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डाॅ. शर्मा और हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती राजपूत ने भी प्रशिक्षण कक्ष में निबंध पर चर्चा कर साइंटन और इस संबंध में आवश्यक निर्देशात्मक अधिकारियों को नीचे दिया।