कुपोषण की स्थिति को सामान्य स्तर पर लाना पहली प्राथमिकता – कलेक्टर श्री लंगेह।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों का मां की तरह लालन-पालन करती है – श्रीमती पाटले।
प्रमोद दुबे
महासमुंद – जिले में पोषण माह के अंतर्गत “सक्षम सप्ताह“ का आयोजन 24 से 30 सितंबर तक किया जा रहा है। शुक्रवार को स्वामी आत्मानंद हायर सेकेण्डरी स्कूल के सभागार में शहरी परियोजना के समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का कार्यशाला आयोजित किया गया। जिसमें विविध व्यंजन, प्रतियोगिता, मेंहदी प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया और विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि शासन की मंशा है कि हर आंगनबाड़ी केन्द्र सक्षम हो। इन आंगनबाड़ी केन्द्रों को अधिक से अधिक जनसमुदाय के साथ जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह बच्चों के लिए मां प्रथम गुरू होता है उसी तरह आंगनबाड़ी केन्द्र शिक्षा का पहला केन्द्र है। यहां बच्चे शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य और पोषण के संबंध में सही मायने में जागरूक होते है। इसमें आंगनबाड़ी केन्द्रों महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उन्होंने आज के कार्यक्रम के लिए बधाई देते हुए कहा कि आज यहां विविध आयोजन देखकर खुशी हो रही है। उन्होंने कार्यशाला का शुभारम्भ सरस्वती मां के छायाचित्र में दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि गांव में आंगनबाड़ी केन्द्र स्वास्थ्य और पोषण का प्रथम सीढ़ी है। यहां बच्चे न केवल बच्चे सुपोषित होते है बल्कि खेल-खेल में शिक्षा भी प्राप्त करते हैं।
