पखांजूर (परोलकोट) में बीएसएनएल के सेवा से उपभोक्ता त्रस्त, महीना में 25 दिन रहता बंद।*

*पखांजूर से बिप्लब कुण्डू–(9.4.21)*

पखांजूर (परोलकोट) में बीएसएनएल के सेवा से उपभोक्ता त्रस्त, महीना में 25 दिन रहता बंद।*

परोलकोट क्षेत्र में बीएसएनएल सेवा से आम उपभोक्त त्रस्त हो गया है।हर रोज नेटवर्क का बंद हो जाना आम बात हो गई है।उपभोकताओ द्वारा ऊंची दर पर रिचार्ज करने से कोई लाभ नही मिल रहा है।एक बार नेटवर्क गुल हो जाने पर नेटवर्क वापस आने में 24 घंटों का समय लग जाता है,वो भी जब नेटवर्क आते है तो दो-चार घंटा चलने के बाद फिर से गायब हो जाता है फिर वही नेटवर्क आने में काफी समय लग जाता है।इस सब के संबंध में उच्च अधिकारी जानने के बाद भी कोई ठोस कदम उठाया नही जा रहा है।
सबसे अधिक परेशानी दूर-दूर गांव से पखांजूर मुख्यालय में आने वाले किसानों ग्रामीणों का होता है।नेटवर्क नही होने से मुख्यालय के किसी भी आफिस का काम नही हो पाता दिन भर भीषण गर्मी में इन्तेजार करने के बाद हताश होकर शाम को घर वापस जाना परता।फिर वही दूसरे दिन खेत खलियान का काम छोड़ कर वही काम के लिए कोई बार कोई किलोमीटर चल कर पखांजूर आना परता। वही जाना गया कि कापसी के युवा सांकेतिक रूप से बीएसएनएल टावर की मैयत निकलने वाले है।बीएसएनएल के लाचार बदतर सेवा से परेशान है युवा माह में 25 दिन बीएसएनएल की खराब सर्विस का मलाल। तो क्षेत्र में इस प्रकार से बीएसएनएल सर्विस प्रदान कर रही है।उपभोकताओ का जेब काट रहे है,इस प्रकार के सर्विस के खिलाफ कोइओ बार हड़ताल धरना प्रदर्शन,SDM पखांजूर को ज्ञापन भी सौपा गया पर सर्विस जस का तस बना हुआ है।इस संभाग के जगदलपुर में संबंधित अधिकारी GM जी को भी पता है इस प्रकार के सर्विस के संबंध में फिर भी इस नक्सल प्रभावित क्षेत्र पर कोई ध्यान नही दे रहे है,क्यों कर रही है कंपनी के अधिकारी क्षेत्रवासी से सौतेला व्यबहार ।
आज क्षेत्र में जिओ का नेटवर्क भी चालू है पर 4G के नाम पर कुछ नही कुछ भी डाऊनलोड करो या अपलोड समय लग जाता है जिससे उपभोकताओ का नेट पैक समाप्त हो जाता है रात को एक से ढेड़ बजे से सुबह 4 बजे तक कुछ तेज गति से चलता फिर दिनभर जो का तौ हो जाता है क्षेत्र में जिओ का टावर वर्षो से लगा हुआ है पर आज पर्यन्त सभी टावर को चालू नही करवाया गया।अंदुरिणी क्षेत्र के छात्र छात्राओं को नेट संबंधित कोई भी सुविधा नही मिल पा रहा है उनको यदि परीक्षा आदि नेट के माध्यम से देना होता है तो कोई किलोमीटर चल कर जहा थोड़ा बहुत सुविधा मिलता वही आकर पढ़ाई परीक्षा आदि देना पड़ता। कुल मिलाकर देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि बीएसएनएल और जिओ आपस मे भाई-भाई का संबंध अदा कर रही है।उपभोक्ता शिकायत करे तो किससे करे पखांजूर आफिस में हमेशा से ताला लगा हुआ मिलता है कोई अधिकारी कर्मचारी यह उपलब्ध नही रहता है। कुल मिलाकर दोनो नेटवर्क उपभोकताओ को लूटने के लिये लगाया गया है।