फिंगेश्वर – जनपद पंचायत की एक विशेष बैठक में अधिकारी के रवैय्ये से व्यथित जनपद सदस्यों ने उक्त अधिकारी को जनहित में तत्काल हटाने संबंधी सर्वसम्मति से प्रस्ताव स्वीकृति किया गया है। इससे पूरे प्रशासनिक महकमें में जमकर चर्चा है। शुक्रवार 24 अप्रैल को फिंगेश्वर जनपद पंचायत की एक आयोजित विशेष बैठक में उपस्थित सभी सदस्य अंचल में चल रही जल जीवन मिशन योजना में व्याप्त लापरवाही एवं मनमानी से ग्रामीणों को इस भीषण गर्मी में पानी की आपूर्ति में की जा रही अनियमियता से काफी आक्रोशित थे। इस विशेष बैठक में जनहित से जुड़ा अति महत्वपूर्ण के साथ साथ सख्त निर्णय लेते हुए पीएचई के अनुविभागीय अधिकारी राजिम नवीन साहू का तत्काल स्थानांतरण करने का साहस पूर्ण लिया है। बैठक के उपरांत इस प्रतिनिधि में चर्चा करते हुए जनपद पंचायत फिंगेश्वर की अध्यक्ष श्रीमती इन्द्राणी नेहरू साहू ने कहा बताया कि जल जीवन मिशन के कार्यों में गुणवत्ता की कमी एवं पानी की समस्या तथा बोर खनन पर लापरवाहीपूर्वक जवाब देने के कारण- एसडीओ एचडी नवीन साहू को सर्वसम्मति से जनपद सदस्यों के द्वारा यहां से हटाए जाने का प्रस्ताव पारित किया है। जनपद अध्यक्ष इंद्राणी साहू ने बताया कि यह कार्रवाई जल जीवन मिशन के कार्यों में कथित लापरवाही और उदासीनता को लेकर बढ़ते असंतोष के बीच की गई। बैठक में जनपद क्षेत्र के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान कई स्थानों पर कार्यों की धीमी गति, तकनीकी खामियों और समय पर समस्याओं के समाधान न होने को लेकर गंभीर नाराजगी व्यक्त की गई। सदस्यों का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर आम जनता परेशान है, लेकिन जिम्मेदार इस अधिकारी द्वारा इस दिशा में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहे है। अध्यक्ष इंद्राणी साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए यह प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतता है या कार्यों में अनियमितता करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए शासन को अनुशंसा की जाएगी। जनपद उपाध्यक्ष सतीश यादव ने बताया कि बैठक में केवल पीएचई विभाग के एसडीओ नवीन साहू से पिछले एक वर्ष में विभाग द्वारा बोर खनन की जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि एक भी बोर खनन नहीं किया गया है। विभागीय मशीन पिछले 6 महीने से खराब है और 1 मशीन देवभोग में कार्यरत है विभाग के पास नट-बोल्ट खरीदने के लिए पैसा नहीं है। नवीन साहू ने बताया कि मशीन खराब की जानकारी जिला अधिकारियों को दे दी गई है हम अपने जेब से नहीं बनवा सकते। इसी कारण से इस वर्ष एक भी बोर खनन नहीं हो पाया है। सरकारी खजानें में पैसा नहीं है इसलिए जल जीवन योजना का बुरा हाल है। इसके बाद बैठक में उपस्थित ब्लॉक स्तर पर कार्यरत सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी कड़ा संदेश दिया गया। सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनप्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि अब जवाबदेही तय होगी और काम के प्रति लापरवाह रवैया अपनाने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस निर्णय को जनपद क्षेत्र में प्रशासनिक जवाबदेही की दिशा में एक सख्त कदम माना जा रहा है। बैठक के इस फैसले से स्पष्ट संकेत गया है कि जनप्रतिनिधि अब विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर गंभीर हैं तथा किसी भी प्रकार की ढिलाई पर कठोर रुख अपनाने को तैयार हैं। स्थानीय स्तर पर इस प्रस्ताव के बाद प्रशासनिक हल्कों में भी हलचल तेज हो गई है। अब निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि इस अनुशंसा पर क्या कार्रवाई की जाती है और क्षेत्र में जल जीवन मिशन सहित अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन में क्या सुधार देखने को मिलता है। बैठक में विशेष रूप से जनपद सीईओ, जनपद अध्यक्ष इंद्राणी-नेहरू साहू, उपाध्यक्ष सतीश यादव, सभापति नंदू यादव, दिलीप साहू, मंजू साहू, राधेश्याम साहू, नीतू साहू जनपद सदस्य, हीरामणी साहू, आशीष पांडे, सीमा शर्मा, रामेश्वरी कुर्रे, नीता साहू, गोदावरी साहू, रुक्मणी सिंह, उमा साहू मौजूद रहे।
