गरियाबंद :- फिर बोले बिंद्रानवागढ़ के कार्यकर्ता देवतुल्य यहा चेहरा मायने नही रखता संगठन सर्वोपरी। दावा किया गढ़ कायम रहेगा और भाजपा बना रही सरकार। भाजपा अपने अभेद्य गढ़ मानने वाली बिंद्रानवागढ में जीत बरकरार रखने कार्य विस्तार और चुनावी तैयारी के बहाने कार्यकर्ताओं के मन की टोह ले रही है। मंगलवार को भाजपा के सीनियर लीडर कार्य विस्तार योजना के प्रदेश सह सयोंजक रूप नारायण सिन्हा देवभोग विश्राम गृह में 4 मंडलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं से बारी बारी से बंद कमरे में चर्चा किया। भले बैठक चुनावी तैयारी के नाम पर बुलाया गया लेकिन कमरे में प्रत्याशी को लेकर जमीनी कार्यकर्ताओं की राय ली गई।

दरअसल सर्वे के आधार पर राजिम में डेढ़ साल पहले भाजपा का दामन थामने वाले रोहित साहू को टिकट दे दिया गया। टिकट के ऐलान के बाद पदाधिकारी और कार्यकर्ता भीतर से सुलग रहे हैं, इसका अहसास भी आलाकमान को होने लगा है।राजिम की तरह बिंद्रानवागढ में स्थिति निर्मित न हो इसके लिए संगठन सावधानी बरत रही है। 4 घंटे तक चले इस मैराथन बैठक में रूपनारायण सिन्हा ने मंडल वाइज बन्द कमरे में सभी की बात इत्मीनान से सुना। क्यों कहनी पड़ी यहां चेहरा मायने नही रखता-प्रत्याशी के दौड़ में सबसे प्रबल दावेदार गोवर्धन मांझी को माना जा रहा है। मांझी 2013 में मांझी 31 हजार मतों से जीत कर इस विधान सभा में अब तक सर्वाधिक मत से जितने वाले का रिकार्ड बनाया हुआ है। 2018 में कांग्रेस लहर के बावजूद इस सीट पर भाजपा की जीत कायम रखने वाले डमरूधर पुजारी भी दावेदार के कतार में हैं। बंद कमरे में चर्चा हुई तो ज्यादातर ने नए चेहरे की मांग रख दी। कुछ ने दावा भी किया की गोवर्धन मांझी की बहु नुर्मती मांझी जो वर्तमान में मैनपुर जनपद अध्यक्ष है उन्हे टिकट मिले तो गोवर्धन मांझी के सक्रियता का पूरा फायदा मिलेगा।बाबा उदय नाथ, हलमंत ध्रुवा,भागीरथी मांझी के नाम तक गिनाए गए। ऐसे में प्रभारी ने कार्यकर्ताओं को संबोधन से पहले देवतूल्य बताया, फिर बिंद्रानवागढ़ को मजबूत करने में कार्य करने वाले एक एक सिपाही की संगठन के प्रति निष्ठा के लिए सराहना किया।यह भी कहा की इस सीट में चेहरा मायना नही रखता, इतिहास गवाह है यहां कार्यकर्ता संगठन के प्रति समर्पित होकर काम करते हैं। संकेत साफ तौर पर किसी नए चेहरे पर मूहर लगाने की ओर था। सरकार भाजपा की बनेगी-सह सयोजक रूप नारायण सिन्हा ने कार्यकर्ताओं को संगठन की सिख देने, बूथ स्तर पर चुनाव की संगठानात्मक तैयारी के अलावा उनमें यह कह कर भी जोश भर दिया की आगामी चुनाव में छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार फिर से बन रही है। उन्हे चेताया की सत्ताधारी संगठन कई चाले चलेंगी, लेकिन बहकावे में आए बगैर हमेशा की तरह संगठन के प्रति निष्ठा रख कर चुनाव लड़ने की अपील किया है।
