गरियाबंद:- जिले में राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम अंतर्गत संचालित कार्यक्रम शिशु संरक्षण माह का आयोजन 28 फरवरी से 31 मार्च 2023 तक आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान जिले में 674 सत्र विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों व टीकाकरण सत्र आयोजित किया जा चुका है। जिसमें 25 हजार 4 सौ 46 बच्चों का वजन किया गया, 1565 गर्भवती माताओं की स्वास्थ्य जांच व 1734 शिशुवती माताओं की स्वास्थ्य जांच किया गया, अब तक 23 हजार 8 सौ 91 बच्चों का विटामिन-ए व 28 हजार 5 सौ 42 बच्चों को आयरन सिरप पिलाया जा चुका है।

इसी क्रम में बच्चे को सुपोषित रखने हेतु शिशु संरक्षण माह कार्यक्रम के अंतर्गत 105 कुपोषित/अतिकुपोषित बच्चों को खोजा गया है, जिसमें से 9 बच्चे विकासखण्ड गरियाबंद एवं 01 बच्चें विकासखण्ड देवभोग से एनआरसी गरियाबंद में भर्ती किया गया है। जिला गरियाबंद के एनआरसी में कार्यरत् रसोइया लक्ष्मी धु्रव द्वारा बच्चों के लिए पोषणयुक्त भोजन तैयार किया जा रहा है। गंभीर कुपोषित बच्चों को एफ – 75, एफ-100 मिक्स दाल, सब्जी की खिचड़ी, हलवा, दलिया, खीर, स्पेशल फीड और रूटीन मेडिसीन देते है व बच्चों को पोषण आहार से भरपुर भोजन अनीष अख्तर, फिडिंग डेमोस्ट्रेटर गरियाबंद द्वारा भोजन परोसकर खिलाया जाता है व माताओं द्वारा भी अपने बच्चो को भोजन खिलाया जा रहा है। एनआरसी में रह रहे कुपोषित बच्चे के माताओं को सुबह-शाम चाय नास्ता, दोपहर को दाल, चांवल, रोटी, आवश्यक पड़ने पर मेडिसीन दिया जाता है। माताओं को 15 दिना पूर्ण करने पर प्रतिदिन 150 रूपये की दर से 2 हजार 250 रूपये चेक द्वारा भुगतान किया जाता है, ताकि उनकी रोजी-रोटी का नुकसान न होने पाये, इससे माताओं में खुशी की लहर है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि विटामिन-ए 9 माह से 5 वर्ष को पिलाया जाता है, विटामिन-ए वसा में घुलनशील विटामिन है जो प्रकृतिक रूप से कई खाद्य पदार्थो में मौजुद होता है। विटामिन-ए सामान्य दृष्टि प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण हैं जों आंख की कर्निया की रक्षा करने में मदद करता है और हृदय फेफड़े गुर्दे एवं रतौधीं रोग से छुटकारा और रोकथाम करने में मदद करता है। आयरन सिरप 6 माह से 5 वर्ष के बच्चों को सप्ताह में 2 बार स्वास्थ्य केन्द्रो में पिलाया जाता है, जिससे बच्चों मे खून की कमी न हो, जिससे बच्चा कुपोषण मुक्त और स्वस्थ्य रहे। शिशु संरक्षण माह अंतर्गत खोजे गए एनआरसी में भर्ती बच्चे- पार्थक ठाकुर, लक्ष्मी कमार, गिरिराज कृषाणु, अयांश शांडिल्य, हंसिका, साहिल धु्रव, दिव्यांश जालेस, भलेस, दामिनी व लेखिता अनीष अख्तर फिडिंग डेमोस्ट्रेटर गरियाबंद के संरक्षण व देख-रेख में हैं। इसी प्रकार जो बच्चे एनआरसी गरियाबंद में भर्ती नहीं हो रहे है, ऐसे कुपोषित बच्चे को घर में ही स्वास्थ्य अमलो के द्वारा आवश्यक मल्टीविटामिन की दवाई, प्रोटीन पाउडर, आयरन की गोली व आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी दवाई मुहैया कराया जा रहा है।
