तिलक-फूलों से स्वागत, लेकिन किताबें गायब! बिना पाठ्यपुस्तकों के शुरू हुआ शिक्षा सत्र

“शिक्षा विभाग की तैयारी फेल: नए सत्र के पहले दिन बच्चों के बैग खाली”

बीजापुर जिले का शाला उत्सव -::- कंही शिक्षक नही तो कंही छात्र नही , कंही शिक्षक – छात्र है तो पुस्तके नही !

बीजापुर – जिले में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत शाला प्रवेश उत्सव के साथ तो हुई, लेकिन पहले ही दिन शिक्षा विभाग की व्यवस्थाएं सवालों के घेरे में आ गईं। स्कूलों में बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया, मिठाइयां बांटी गईं और भाषण हुए, लेकिन जिन पाठ्यपुस्तकों के सहारे बच्चों को पढ़ाई शुरू करनी थी, वे स्कूलों तक पहुंच ही नहीं सकीं।

पहली से आठवीं कक्षा तक के हजारों विद्यार्थी नए सत्र के पहले दिन किताबों की उम्मीद लेकर स्कूल पहुंचे, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। जिले के अधिकांश प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में पाठ्यपुस्तकों की खेप नहीं पहुंचने से बच्चों को बिना किताबों के ही पढ़ाई शुरू करनी पड़ी।

शाला प्रवेश उत्सव के नाम पर कई जगह केवल औपचारिकताएं निभाई गईं। कहीं बच्चों की उपस्थिति बेहद कम रही, तो कहीं शिक्षक और जिम्मेदार अधिकारी भी उत्सव को लेकर गंभीर नजर नहीं आए। कुछ स्कूलों में उत्सव जैसा माहौल ही नहीं दिखा, जबकि कई विद्यालय बंद मिलने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शिक्षा सत्र की तिथि पहले से तय थी, तो फिर पाठ्यपुस्तकों की व्यवस्था समय पर क्यों नहीं हो सकी? हर साल बच्चों को पहले दिन किताबें देने का दावा करने वाला विभाग इस बार बुनियादी तैयारी तक पूरी नहीं कर पाया।किताबों के बिना पढ़ाई शुरू होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। अभिभावकों का कहना है कि सरकार शिक्षा सुधार के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके उलट दिखाई दे रहे हैं।

*डीईओ बोले—एक-दो दिन में पहुंच जाएंगी किताबें*

जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पांडे ने स्वीकार किया कि पहली से आठवीं कक्षा तक की पाठ्यपुस्तकें अभी जिले में नहीं पहुंची हैं। उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में पुस्तकों की खेप पहुंचने की संभावना है, जिसके बाद वितरण कराया जाएगा। वहीं कक्षा नौवीं और दसवीं की किताबें जिले में पहुंच चुकी हैं।

*शिक्षा विभाग की लापरवाही से छात्र-शिक्षक परेशान, 5वीं, 8वीं और 10वीं की अंकसूचियां अब तक नहीं पहुंचीं स्कूलों में*

*”परिणाम जारी, लेकिन अंकसूचियां गायब — शिक्षा विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली से छात्र परेशान”.*

नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के बावजूद 5वीं, 8वीं और 10वीं कक्षा की अंकसूचियां (मार्कशीट) अब तक कई स्कूलों को प्राप्त नहीं हुई हैं। अंकसूचियों के अभाव में विद्यार्थियों को प्रवेश, छात्रवृत्ति एवं अन्य शैक्षणिक कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं शिक्षक भी लगातार शिक्षा विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। विभागीय देरी से विद्यार्थियों और पालकों में नाराजगी बढ़ रही है।