किसानों को जैविक खेती औषधालय स्वास्थ्य मंत्री ने किया प्रेरित, प्रगतिशील किसानों का हुआ सम्मान

कांकेर – जिले के अंतर्गत जैविक कृषि मिशन योजना का आज जिला स्तरीय किसान महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं कल्याण मंत्री  श्याम बिहारी जी शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन कांकेर नेता  आशाराम नेता ने किया।जिला वैज्ञानिक किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी मंडल ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसान महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांकेर जिले के किसान धान के साथ-साथ सब्जी, दलहन एवं तिलहन बीज का भी उत्पादन करते हैं। वर्तमान समय में खेती को किसान व्यवसाय के रूप में अपना रहे हैं और अधिक से अधिक उत्पादन के लिए केमिकल का अत्यधिक उपयोग किया जा रहा है, जिसके कारण मिट्टी की वेरायटी क्षमता प्रभावित हो रही है।उन्होंने कहा कि हमें अब जैविक खेती की ओर आगे बढ़ना होगा। इसकी शुरुआत छोटे स्तर से करते हुए धीरे-धीरे इसे व्यापक रूप से अपनाने की आवश्यकता है। किसी भी बड़े बदलाव की शुरुआत राजस्थान से ही होती है, इसलिए किसानों को जैविक खेती के लिए आगे आना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जिन किसानों ने पिछले साल के सीजन में धान की फसल ली थी, अगर वे इस साल धान के स्थान पर मक्का, दलहन, तिल या अन्य फसल लेते हैं तो उन्हें राज्य सरकार द्वारा प्रति दिन 15 हजार की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसान सम्मान निधि पात्र किसानों को दे रही है। राज्य सरकार द्वारा विभिन्न जनकल्याणकारी मंतव्यों से लेकर सभी पात्र महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ दिया जा रहा है।श्री क्लब ने जिले के स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की जानकारी देते हुए कहा कि जल्द ही एमआरआई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे जांच के लिए अन्य सुविधाओं की जांच की आवश्यकता नहीं होगी। कांकेर में मेडिकल कॉलेज के लिए भवन का निर्माण किया जा रहा है, इसके साथ ही स्टॉकहोम में नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना की दिशा में भी काम किया जा रहा है।कांकेर के प्रमुख  आशाराम नेता ने कहा कि किसान हर साल नए सिरे से प्रशिक्षण लेते हैं। किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ अपनी आय बढ़ाने के लिए विभिन्न नवाचारों को अपनाना चाहिए। वैश्विक स्तर पर रासायनिक शेयरों की कमी को देखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव ने कहा कि किसानों को पारंपरिक एवं जैविक खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। किसानों की आय सहायता करने के उद्देश्य से शासन द्वारा संचालित अध्यादेश एवं कार्यक्रम की जानकारी किसानों तक लगातार पहुंचाई जा रही है। कार्यक्रम में  आलोक ठाकुर एवं  महेश जैन ने भी भाग लिया। कृषि वैज्ञानिकों एवं किसानों द्वारा किसानों को जैविक खेती के तरीके एवं उनके लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।जिला किसान मेले में स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी कॉलेज द्वारा 05 कृषकों को चिरैनकी धान बीज का वितरण किया गया। साथ ही बिलासपुर, धमतरी एवं कांकेर जिले के विभिन्न विकासखंडों से क्षेत्र में 10 प्रगतिशील कृषकों को जैविक खेती, दलहन-तिलहन उत्पादन, जल संरक्षण एवं विभाजन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए एवं नारियल के पौधे के रूप में सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि चिरैनाखी धान कांकेर जिले की स्थानीय पहचान है, जो अपने स्वाद और सुगंध के लिए जाना जाता है, जिसके संरक्षण के लिए जिला प्रशासन प्रयास कर रहा है। इसका रकबा बढ़ाने और पौधों के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा इसके बीज उत्पादन विकास विज्ञान कृषि केंद्र कांकेर को अधिकार दिया गया है, इसी क्रम में किसानों को बीज बोया गया।हस्तशिल्प बोर्ड के अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, पूर्व अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा मार्कोले, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरुण कौशिक, नगर पालिका अध्यक्ष  बीरबल, मत्स्य विभाग के अध्यक्ष  विजय मंडावी,  नरेंद्र नागेश,  रामचरण कोराम, नरोत्तम चौहान, उपाध्यक्ष  अरुण वर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र कांकेर के वरिष्ठ वैज्ञानिक  बीरबल, मत्स्य विभाग के अध्यक्ष श्री एस.एस. कंवर सहित कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।