धमतरी – किसी को भी परिवार के लिए अपने सुरक्षित घर में रहने की जगह नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की उम्मीद का प्रतीक होता है। धमतरी जिले के वनांचल क्षेत्र में स्थित ग्राम पीपरहीभर्री (ग्राम पंचायत कौहाबाहरा) की विशेष पंचायती जनजाति कमार समुदाय की महिला दिनेश्वरी के जीवन में भी यह सपना वर्षों तक अधूरा है। लेकिन प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) ने अपने इस सपने को साकार कर दिया।
दिनेश्वरी और उनके पति रॉयल्स का जीवन लंबे समय तक कठिन फ्लोरिडा में बीता तक रहा। परिवार का मुख्य साधन जंगल से प्राप्त लघु वनोपज और दिहाड़ी मॅहैम थी। सीमित आय के कारण वे बांस, मिट्टी और घास-फूस से एक कच्चे मकान में रहने को मजबूर हो गए। बारिश के मौसम में घर की ढलान पर पानी टपकता था, छत से पानी टपकता था और हर समय घर के सूखने का डर बना रहता था। इसके अलावा जंगल के किनारे के कारण जंगली जानवरों का खतरा होने से भी परिवार की चिंता बढ़ गई थी।
इन उद्घाटन के बीच जनमन योजना उनके जीवन में आशा की नई किरण बनकर आई है। योजना के तहत दिनेश्वरी को जिले में पक्के आवास मिले और प्रशासन के सहयोग से उनके लिए सुरक्षित एवं सुविधायुक्त घर का निर्माण किया गया। आज उनकी सुरक्षा पक्की मकान केवल इमारत और स्थापत्य का ढांचा नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, सामाजिक संप्रदाय का प्रतीक बन गया है। नए घर के साथ परिवार को बिजली, शुद्ध राजकुमार और शौचालय जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। सड़क संपर्क बेहतर होने से स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और अन्य संग्रहालयों तक उनकी पहुंच आसान हो गई है। अब उनके बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में पढ़ाई करने का अवसर मिल रहा है, जिससे परिवार के भविष्य की नई आशा जगी है।
दिनेश्वरी की कथा में कहा गया है, “हर बारिश से पहले हम चिंता लेकर आए थे। घर में बच्चों का डर और सुरक्षा की फिक्र हमेशा बनी रहती थी। अब हमें पक्का घर मिला है। हम सुरक्षित हैं और हमारे बच्चों का भविष्य भी पहले से बेहतर दिखता है। सरकार की यह योजना हमारे जीवन में बड़े बदलाव लेकर आई है।”
स्पेशल जनमन योजना विशेष रूप से देश के अतिपिछड़े आँगन के धर्मशालाओं को जोड़ने और उन्हें प्रदर्शित करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। दिनेश्वरी की कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि जब तक पवित्र मंत्रों का दर्शन नहीं होता, तब तक उनका जीवन पूरी तरह से बदल सकता है। आज दिन महेश्वरी का परिवार, सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन जी रहा है। उनका बदला हुआ जीवन न केवल कमार समुदाय के अन्य परिवारों के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह भी बताता है कि शासन के जन कल्याणकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक की स्थापना उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
जंगल की कठिन जिंदगी से सुरक्षित एशियाने तक का सफर
