सुकमा में किया गया क्रांतिकारी वीर गुण्डाधुर की मूर्ति का अनावरण और धुरवा समाज भवन का भूमिपूजन।

सुकमा :- गुण्डाधुर की वीरगाथा को स्मरण करते किया नमन छत्तीसगढ़ शासन के आबकारी एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा और बस्तर लोकसभा के सांसद दीपक बैज ने आज सर्किट हाउस के बाजू में स्थापित क्रांतिकारी वीर गुण्डाधुर की मूर्ति का अनावरण किया। साथ ही 40 लाख की लागत से निर्मित होने वाली धुरवा समाज की भवन का भूमिपूजन किया गया। इस अवसर पर राजमन बेंजाम विधायक चित्रकोट विधानसभा, जयदेवधुर गुण्डाधुर के परपोता, देऊधुर डेबरीधुर के परपोता,पप्पूराम नाग अध्यक्ष धुरवा समाज बस्तर संभाग, प्रकाश ठाकुर अध्यक्ष, सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग, कवासी हरीश अध्यक्ष जिला पंचायत सुकमा, जगन्नाथ साहू अध्यक्ष, नगरपालिका सुकमा, पोज्जा राम मरकाम अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज जिला सुकमा, सहित अन्य जनप्रतिनिधी और सर्व समाज के पदाधिकारी व सामाजिक गण उपस्थित थे।वीर गुण्डाधुर को नमन करते हुए केबिनेट मंत्री कवासी लखमा ने सभा को संबोधित किया और कहा कि नेतानार में जन्मे वीर गुण्डाधुर ने जंगल और वनोपज पर आदिवासीयों के अधिकार के लिए अंग्रेजो से लड़ाई लड़ा। इस अवसर पर उन्होंने शहीद गेंद सिंह, झाड़ा सिरहा, बिरसामुण्डा, रानी दुर्गावती को भी याद किया। मंत्री लखमा ने आजादी की लड़ाई में किए गए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि वीर गुण्डाधुर ने आदिवासी सहित सभी समाज को एकत्र कर एकता में पिरोया और बिना भेदभाव के सभी के भलाई के लिए काम किया। इस अवसर पर मंत्री कवासी लखमे ने समाज के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं। उन्होंने आगे कहा कि आदिवासियों के अधिकार के लिए प्रदेश सरकार ने पेसा कानून लाया, जिससे उनके विकास में सहायता मिलेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार की तेदुपत्ता खरीदी, धान खरीदी साथ ही गोबर खरीदी, गोमूत्र खरीदी की तारीफ की और कहा कि इससे लोग आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है। जिले में सड़के बन रही है, जिससे आवागमन की सुविधा बढ़ी है। बच्चों के लिए जिले में हास्टल – आश्रम बनाये जा रहे। इस अवसर पर मंत्री कवासी लखमा ने देवगुड़ी बनाने हेतु 5 लाख देने की घोषणा की। इस अवसर पर कवासी लखमा ने किन्दरवाड़ा के गुण्डा धुर लोककला मंच के धुरवा नर्तक दल को 25 हजार की राशि भेंट की।शिक्षा ही एकमात्र सबसे बड़ा हथियार सांसद दीपक बैज ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर का गौरव गुण्डाधुर का स्वर्णिम इतिहास है। जल, जंगल जमीन को बचाने वीर गुण्डाधुर के नेतृत्व में अंग्रेजो से लोहा लिया गया। वीर गुण्डाधुर ने अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ लड़ाई लड़ा। शहीद गुण्डाधुर ने जल, जंगल, जमीन और बस्तर के हितों के रक्षा के लिए भूमकाल विद्रोह की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि हमें शहीद वीरगुंडाधुर, डेबरी धुर और उनके साथियों के बलिदान को याद करते हुए उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने धुरवा समाज को क्रांतिकारी वीर गुण्डाधुर की मूर्ति अनावरण पर बधाई दी। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार वनोपज को समर्थन मूल्य पर खरीद रही है जिससे आदिवासी के आय में वृद्धि हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि सभी समाज को एक-दूसरे से सीखना चाहिए। शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए। साथ ही आदिवासियों समाज को भी दूसरे समाज से सीखना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए। इसके लिए शिक्षा ही एकमात्र सबसे बड़ा हथियार है। समारोह को अन्य जनप्रतिनिधि और समाज पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।