मनेन्द्रगढ़। जिले के मनेन्द्रगढ़ वनमंडल में आदमखोर तेंदुए का आतंक थमने का नाम नही ले रहा है। पखवाड़े भर पहले ही एक महिला को मौत के घाट उतारने और एक 8 साल के बच्चे पर जानलेवा हमला करने के बाद मंगलवार की सुबह फिर एक महिला को उसने अपना शिकार बना लिया। जिसके बाद ग्रामीण डर के साये में जीने को मजबूर है, वहीं तेंदुए को पकड़ पाने मे वन विभाग द्वारा किया जा रहा प्रयास अब तक विफल ही साबित हो रहा है। मनेन्द्रगढ़ वनमंडल के अंतर्गत आने वाले परिक्षेत्रों में आदमखोर हो चुके तेंदुए का आतंक थमता नजर नहीं रहा है। आए दिन कोई न कोई हादसा हो रहा है जिससे ग्रामीण परेशान हैं। कुछ दिन पहले भी एक महिला की मौत तेंदुए के हमले से हो चुकी हैं वहीं दूसरी बार एक बच्चे पर भी तेंदुए के द्वारा हमला किया गया था। ग्रामीणों ने उस बच्चे को तेंदुए से बचा लिया था लेकिन वन विभाग द्वारा उस आदमखोर तेंदुए को पकड़ने के लिए किए जा रहे प्रयास ढाक के तीन पात साबित हो रहे हैं। मंगलवार की सुबह फिर एक और ग्रामीण महिला की तेंदुए के हमले से मौत हो गई। यह घटना मनेन्द्रगढ़ वन मंडल के अंर्तगत जनकपुर परिक्षेत्र की है। कुँवारी बीट के ग्राम सिंगरौली के पुरनिहापारा की रहने वालीउमाबाई पत्नी नान बैगा को सुबह लगभग 7-30 बजे तेन्दुआ घर के बगल से उठाकर ले गया एवं गले पर वार करने पर महिला की मौत हो गई। ग्रामीणों द्वारा सूचना देने पर वन विभाग मौके पर पहुंचा तब तक महिला की मौत हो चुकी थी और तेंदुआ मृत महिला को छोड़कर जंगलों की ओर भाग गया था।
आये दिन हो रहे तेंदुए के हमले से परेशान ग्रामीणों के द्वारा वन विभाग के अधिकारियों से आदमखोर तेंदुआ को पकड़ने के लिए कहा गया है तो वहीं वन विभाग के द्वारा बताया जा रहा है कि एक पिंजरा तो लगाया गया है लेकिन उस पिंजड़े में अभी तक तेंदुआ पकड़ा नहीं गया है। वन विभाग की नाकामी का खामियाजा ग्रामीणों को अपनी जान गवां कर भुगतना पड़ रहा है। तेंदुए द्वारा आये दिन ग्रामीणों पर किये जा रहे हमले से लोग अब दहशत के साये में जीने को मजबूर है। सुबह हुई घटना की सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी चंद्रमणि तिवारी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को तात्कालिक सहायता के तौर पर 25 हजार रुपये दिये और ग्रामीणों को जंगलों की ओर ना जाने की सलाह दी जा रही है।
