जीवन की व्यथा दूर करने के लिए नित्य हरि कथा का श्रवण करें-पं.दिनेश्वर
(अरंड में चल रहा है श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ समारोह)

राजिम:-समीपवर्ती ग्राम अरण्ड में चल रहे श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह के चतुर्थ दिवस समुद्र मंथन पर चर्चा करते हुए व्यासपीठ से आचार्य दिनेश्वर शर्मा जी ने बताया कि जीवन की व्यथा को दूर करना है तो, जीवन मे नित्य प्रति श्री हरि कथा का श्रवण करे।समुद्र मंथन को जीवन से जोड़ते हुए कहा कि यह जीवन अथाह सागर है जिसमें सत्संग रूपी मथानी और भक्ति रूपी रस्सी का सहारा लेकर मोक्ष रुपी अमृत को पा सकते हैं।सामाजिक कार्यकर्ता एवम सेवानिवृत्त प्रधानपाठक बैसाखू राम साहू के निवास पर आयोजित इस सप्तदिवसिय महायज्ञ में सैकड़ों की संख्या में ग्राम अरण्ड सहित,दूतकैंया, धमनी,बकली,बासीन परसदा(जोशी)किरवई एवम नवापारा राजिम से धर्मरसिक संत जन पधारकर एवम भागवत कथा सुनकर अपने जीवन को धन्य बना रहे है।भागवत कथा विश्राम के पश्चात प्रतिदिन संध्याकालीन कार्यक्रम के रूप में अंचल के ख्यातिप्राप्त मानस मंडलियां शिरकत कर रहे हैं, आज इसी कड़ी में शिक्षक मानस परिवार छुरा के संत जनों का भव्य रूप से आध्यात्मिक कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।आज के कार्यक्रम में हरिराम साहू दूतकैंया, बसंत पटेल, अवध राम साहू, परसदा जोशी, हिराधर पुर्रे बासीन,रामावतार साहू अरंड,जगन्नाथ साहू, नवापारा, महेंद्र साहू सेमहरतरा,सहित सैकड़ों की संख्या में श्रोताओं ने सत्संग लाभ प्राप्त किया।
