
राजिम:- ग्राम अरंड के पावन भूमि में चल रहे श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान महायज्ञ के द्वितीय दिवस पर भागवत कथा पर चर्चा करते हुए व्यासपीठ से यज्ञाचार्य पंडित दिनेश्वर प्रसाद शर्मा जी ने भगवान के विभिन्न अवतारों पर चर्चा करते हुए कहा कि इस सृष्टि के तीन प्रमुख देवता हैं , जिसमे ब्रम्हा सृष्टि निर्माण के, विष्णु सृष्टि संचालन कर्ता एवम भगवान शिव मृत्यु के देवता हैं।इस कलिकाल में मोक्ष प्राप्त करना है तो सद्मार्ग पर चलते हुए ईश्वर की निष्काम भाव से भक्ति करनी चाहिए, हम भगवान स्वयम्भू मनु के पुत्र होने के कारण मानव कहलाते हैं, और मानव ही इस सृष्टि में धर्म ,अर्थ, काम ,मोक्ष का सच्चा अधिकारी है।वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवम सेवानिवृत्त प्रधान पाठक श्री बैसाखू राम साहू जी के निज निवास पर आयोजित इस महायज्ञ में परायण कर्त्ता की भूमिका में पंडित अमन शर्मा जी है, और परीक्षित के रूप में श्री भूपेंद्र कुमार एवम श्रीमती मिथलेश साहू,श्री लिकमचन्द एवम श्रीमती शैल साहू, और श्री पुरनचंद एवम श्रीमती माधुरी साहू एकात्म भाव से श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का रसपान कर रहे हैं।सात दिनों तक चलने वाले इस महायज्ञ में प्रतिदिन भागवत कथा के अलावा संध्याकालीन कार्यक्रम में अंचल की विविध मानस मंडलियों एवम भजन मंडलियों का आध्यात्मिक कार्यक्रम रखा गया है।कार्यक्रम के पहले दिन से ही ग्राम अरण्ड सहित दूतकैंया, बकली, धमनी,किरवई एवम बासीन से श्रोतागण पहुँचकर सत्संग लाभ प्राप्त कर रहे हैं।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में रामावतार साहू अरंड,जगदीश राम साहू, लीलाराम साहू, ठाकुर राम साहू बोरसी, उधोराम साहू, चंद्रकांत साहू, रामानुज साहू,प्राची,कीर्ति, शोमल,कोमल,तोमेश,सत्यम,शिवकुमार साहू,सत्यप्रकाश, भीखू राम साहू,चंदूलाल साहू, दुर्गाचरण अवस्थी देवभोग, एवम अर्जुन सुंदरानी नवापारा की गरिमामय उपस्थिति एवम सहयोग मिल रहा है।
