ब्लूप्रिंट प्रश्नपत्र निर्माण प्रशिक्षण सह कार्यशाला सम्पन्न 

फिंगेश्वर :– समग्र शिक्षा के तहत पांच दिवसीय ब्लूप्रिंट प्रश्नपत्र निर्माण प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन विकासखंड स्रोत समन्वयक केंद्र फिंगेश्वर में 18 मई से 22 मई तक जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर के निर्देशन एवं डी एम सी शिवेश शुक्ला के मार्गदर्शन में किया गया. इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर दिनेश कुमार श्रीवास, स्टीफन कुजूर,साधना वर्मा, रूपकला डहरिया, चन्द्रिका प्रसाद साहू, कौशलेश साहू,बालकरण गायकवाड़ एवं हेमलता कुरील द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, भारतीय ज्ञान परंपरा, विद्यालय की संस्कृति, नशापान, अधिगम, सीखने के लिए उपयुक्त वातावरण,शिक्षण विधियों के साथ साथ ब्लू प्रिंट के तहत विभिन्न कौशल के आधार पर प्रश्नपत्र निर्माण के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई. मास्टर ट्रेनरों ने बताया कि इस प्रशिक्षण सह कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में प्रश्न पत्र निर्माण की गुणवत्ता एवं एकरूपता सुनिश्चित करना था ताकि मूल्यांकन अधिक सटीक, पारदर्शी और उद्देश्यपरक हो सके. शिक्षा के क्षेत्र में मूल्यांकन की विश्वसनीयता वैद्यता एवं वस्तुनिष्ठता सुनिश्चित करने हेतु ब्लूप्रिंट एक महत्वपूर्ण उपकरण है। ब्लूप्रिंट प्रश्न पत्र निर्माण की पूर्व योजना है। जिसके माध्यम से पाठय वस्तु, उद्देश्यों अधिगम स्तरों एवं अंक वितरण का संपूर्ण संतुलित समन्वय किया जाता हैं, शिक्षा प्रणाली में मूल्यांकन केवल अंक प्रदान करने की प्रक्रिया नहीं बल्कि अधिगम की गुणवत्ता का मापन हैं, यदि प्रश्न पत्र का निर्माण सुविचारित योजना के बिना किया जाए तो मूल्यांकन में असंतुलन, पक्षपात एवं अस्पष्टता की संभावना बढ़ जाती है. इस संदर्भ में ब्लूप्रिंट एक वैज्ञानिक एवं प्रणालीबद्ध उपकरण के रूप में कार्य करता है जो प्रश्न पत्र को पाठ्यक्रम एवं अधिगम उद्देश्यों के अनुरूप बनाता है। प्रशिक्षकों ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत दसवीं एवं बारहवीं कक्षा के लिए नवीन ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है जो छह प्रमुख डोमेन पर आधारित है. ज्ञानात्मक, अवबोधात्मक अनुप्रयोगात्मक, विश्लेषणात्मक मूल्यांकनात्मक और रचनात्मक है.ज्ञानात्मक डोमेन में परिभाषा, सिद्धांत और तथ्यों की पहचान संबंधी प्रश्न रखे गए हैं.अवबोधात्मक में अर्थ, व्याख्या, अंतर स्पष्ट करना और वैचारिक समाज पर ध्यान केंद्रित किया गया है.अनुप्रयोगात्मक डोमेन में सिद्धांतों के समाधान और नई परिस्थितियों में उनके प्रयोग पर बल दिया गया है। विश्लेषणात्मक में वर्गीकरण तुलना और विभिन्न स्रोतों से जानकारी का एकीकरण किया गया है, मूल्यांकनात्मक में समीक्षा, मूल्य निर्धारण और निष्कर्ष निकालने की क्षमता का मूल्यांकन किया गया। जबकि रचनात्मक डोमेन में सृजन योजना बनाना, परिकल्पना और संगठनात्मक कौशल पर विशेष ध्यान दिया गया हैं, कार्यशाला के दौरान ब्लूप्रिंट की अवधारणा, शैक्षिक उद्देश्यों पर आधारित प्रश्नों के प्रकार, संतुलित प्रश्न पत्र निर्माण की प्रक्रिया और अपने विषयानुसार प्रश्नपत्र निर्माण पर विशेष रूप से चर्चा की गई, इस दौरान प्रशिक्षार्थियों ने बताया कि इस कार्यशाला से उन्हें प्रश्न पत्र निर्माण के लिए नए दृष्टिकोण और वैज्ञानिक पद्धति समझ विकसित हुई है, प्रशिक्षार्थियों ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशाला आयोजित की गई जिससे उन्हें अत्यंत उपयोगी एवं अनुभव प्राप्त हुआ. इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी हेमंत कुमार साहू एवं विकासखंड स्त्रोत समन्वयक सुभाष शर्मा ने कहा कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव का लाभ विद्यालय के प्रत्येक विद्यार्थी तक अवश्य पहुंचेगा एवं शिक्षा की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देगा.यह प्रशिक्षण शिक्षण को अधिक प्रभावी रोचक एवं विद्यार्थियों की जीवन से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम सिद्ध होगा.समापन दिवस के अवसर पर प्रशिक्षार्थियों को विकासखंड शिक्षा अधिकारी हेमंत साहू, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी देवेंद्र सिंह बहल एवं विकासखंड स्त्रोत समन्वयक सुभाष शर्मा द्वारा प्रमाण पत्र देकर उनका सम्मान किया गया, इस प्रशिक्षण में प्रमुख रूप से व्याख्याता पूरन लाल साहू, कुमान सिंह ध्रुव, नरेंद्र यदु, ओमप्रकाश सिन्हा, सुमंत ध्रुव, दिनेश कुमार साहू, मनहरण लाल यदु,राकेश द्विवेदी, दुर्गेश साहू, सुधीर साहू, नरेंद्र वर्मा, रवि अग्रवार, जे पी गायकवाड़, पूनमचंद ध्रुव, संजय साहू, अनिल बर्रे, मेवालाल साहू, नरेश साहू (समन्वयक) शारदा साहू, सुरेखा सेन, विप्रा पांडे, रंभा ध्रुव, मुग्धा तिवारी, नीतू शाह, सिंधु साहू, अर्चना शर्मा, रेखा सोनी, सरोज सेन, गीतांजलि नेताम, शैलज़ा शिंदे, यशोदा द्विवेदी, अंजना श्रीवास, दिव्या गोस्वामी लेखापाल मनीष देवांगन, चेतन गायकवाड़, नेतराम तारक सहित फिंगेश्वर विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों के व्याख्याता उपस्थित थे।