नन्हे स्टार्स समर कैंप’ बना युवा बच्चों के ड्रीम की उड़ान, सीईओ हरेश मंडावी ने बनाया उत्साह

विभिन्न सितारों ने प्रशासन का कार्यकलाप, सांस्कृतिक दृष्टि में प्रतिभाओं ने काले रंग का प्रदर्शन किया

जिला मुख्यालय पर्यटन एवं सांस्कृतिक संस्था बनी आकर्षण का केंद्र

कांकेर – कलेक्टर  निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देश एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी के निर्देशन में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित “नन्हे स्टार्स एंड लर्न समर कैंप-2026” में बच्चों के लिए ज्ञान, प्रेरणा और मनोरंजन का शिखर सम्मेलन उभर रहा है। समर कैंप के तीसरे रेगिस्तानी दिन जिला आदिवासियों से जुड़े बच्चों को मुख्यालय के महत्वपूर्ण कलाकारों की यात्रा पर ले जाया गया, जिससे उनके अंदर नई जिज्ञासा और सपने को साकार करने की झलक दिखाई दी।कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्राम बड़पारा, पानीडोबीर सहित तीर्थनगरी के बच्चों ने पहली बार जिला मुख्यालय के छात्रों और छात्रों को करीब से देखा। किड्स ने इन्वेस्टमेंट ऑफिस, जिला पंचायत कार्यालय, नरहरदेव उत्कृष्ट विद्यालय, मावा मॉडल कोचिंग सेंटर, फाइनेंस एजुकेशन सेंटर सहित अन्य प्रमुख कोचिंग सेंटर शामिल हैं। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बच्चों को इन पुस्तकालयों की सूची उपलब्ध कराई और वास्तुशिल्प सामग्री की जानकारी सरल और रोचक तरीके से दी। यात्रा के दौरान बच्चों के चेहरे पर उत्साह और लक्षण स्पष्ट दिखाई दिए। कई बच्चों ने रेलवे सेवाएँ, शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छा व्यक्त की। जिला प्रशासन का उद्देश्य बच्चों को केवल मनोरंजन उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उन्हें जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करना और उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना है। समर कैंप में शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और प्रोत्साहन वाली क्षमताएं विशेष महत्व रखती हैं।समर कैम्प में बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये, लोकनृत्य, समूह गीत, संगीत एवं रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। पारंपरिक संस्कृति और आधुनिक अभिव्यक्ति के सुंदर समन्वय ने कार्यक्रमों को जीवंत बनाया। बच्चों की प्रतिभा, प्रतिभा और मंच संचालन क्षमता ने सभी को प्रभावित किया, पूरे परिसर में उत्साह, उत्साह और आनंद का वातावरण निर्मित हो गया।

जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री राकेश निषाद एवं शिक्षक श्री नवनीत पटेल ने बताया कि समर कैंप में 300 से अधिक बच्चे भाग ले जा रहे हैं, जिसमें पानीडोबीर क्षेत्र के 100 छात्र शामिल हैं। इस कैम्प के अंतर्गत प्रतिदिन शाम 6.30 बजे से रात्रि 7.30 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के पालकों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में अपने बच्चों को शामिल कर उनका उत्साहवर्धन करें। ऐसे आयोजन में ग्रामीण एवं आदिवासी इलाकों के बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने, नए अनुभव प्राप्त करने और भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया जाता है।