अवैध शराब, मादक पदार्थ परिवहन, हॉटस्पॉट चिन्हांकन वनोपज जांच नाकों की जा रही व्यापक निगरानी
नशामुक्ति अभियान के लिए हेल्पलाइन नंबर 14446 और 1933 नम्बर में कर सकते है संपर्क
गरियाबंद – कलेक्टर श्री बी.एस. उइके की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले में स्वापक औषधि मनः प्रभावी पदार्थाे या नशीली पदार्थाे के प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय समन्वय समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उन्होंने बैठक में गत् 31 जनवरी 2026 के मासिक बैठक के दौरान की गई कार्यवाही एवं किये गए प्रयासों के बारे में समीक्षा की। इस दौरान पुलिस विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में शराब की अवैध बिक्री आवाजाही एवं सतत् निगरानी व कार्यवाही के लिए सभी थाना, चौकी प्रभारी द्वारा कार्यवाही की जा रही है। वर्ष 2025 में अवैध शराब के विरूद्ध 640 प्रकरण में 5 हजार 50 लीटर से अधिक की शराब, 2 चार पहिया एवं 42 दो पहिया वाहन जब्त कर वैधानिक कार्यवाही की गई है। इसके अलावा अवैध कारोबार में शामिल लोगो के खिलाफ कठोर कार्यवाही व हॉट स्पाट की पहचान कर एमसीपी लगाकर कार्यवाही की जा रही है।
वन विभाग द्वारा बताया गया कि जिले के अनाधिकृत व्यावसायियों पर व्यापक और प्रभावी नियंत्रण के लिए वनोपज जांच नाका पर नियमित रूप से सघन रूप से जांच की कार्यवाही करते हुए अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है। दूरस्थ वनक्षेत्रों में गांजा व अन्य मादक पदार्थों के लिए सतत् निगरानी रखी जा रही है।
समाज कल्याण के अधिकारियों ने बताया कि नशामुक्ति के लिए जारी टोल फ्री नम्बर 14446 का प्रचार-प्रसार किये जाने एवं अवैध मादक पदार्थ की रिपोर्टिंग के लिए जारी मानस नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाईन नम्बर 1933 एवं जिला प्रशासन की व्हॉट्सअप नम्बर 94792-25884 के बारे में लोगो को अधिक से अधिक जागरूक करने के लिए दीवार लेखन तथा जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से गॉव-गॉव में प्रचारित किया जा रहा है तथा जिले के समस्त जनपद पंचायत एवं नगरीय निकायों को भी ग्राम पंचायतों एवं अपने-अपने क्षेत्रों में उक्त टोल फ्री नम्बर का प्रचार किया गया है। इसके अलावा जिले के विभिन्न विद्यालयों कार्यालयों में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत नशामुक्ति के लिए शपथ कराया गया है। नगरीय निकाय में कचरा उठाने वाले वाहनों में स्वच्छता के साथ ही साथ नशे से होने वाले दुष्प्रभावों एवं संदेश प्रसारित कराया जा रहा है।
जिला चिकित्सालय में नशे के लत से पीड़ित मरीजो का उपचार एवं काउंसलिंग की जा रही है। आबकारी विभाग द्वारा जिले में शराब की अवैध बिक्री एवं अन्य मादक पदार्थों में नियंत्रण रखने के लिए सतत् निगरानी एवं कार्यवाही की जा रही है। सहायक औषधि नियंत्रक द्वारा कोटपा चालानी कार्यवाही की गई है।
कलेक्टर श्री उइके ने दो पहिया एवं चार पहिया वाहन चालकांे को मादक पदार्थों का सेवन करके वाहन न चलाने एवं हेल्मेट व शीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के समझाईस देने के निर्देश दिए है। इस दौरान बैठक में डीएसपी सुश्री गरिमा दादर, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री डीपी ठाकुर, जिला व्यापार एवं उद्योग विभाग के महाप्रबंधक दीनबंधु ध्रुव, सहायक ड्रग कंट्रोलर संजय राजपूत सहित समन्वय समिति के सदस्यगण शामिल हुए।
