राज्य मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष ने गरियाबंद में आत्मसमर्पित नक्सलियों से की चर्चा

पूर्व नक्सली जीवन की पीड़ा, संघर्ष और बदलावों पर ली विस्तृत जानकारी.

पुनर्वास नीति, कौशल प्रशिक्षण और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत का किया मूल्यांकन.

अधिकारियों को रोजगार एवं आजीविका के अवसर सुनिश्चित करने के दिए स्पष्ट निर्देश.

गरियाबंद – राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष श्री गिरिधारी नायक ने आज गरियाबंद जिले में आत्मसमर्पित नक्सलियों से मुलाकात कर उनके जीवन, संघर्ष और आत्मसमर्पण के बाद आए बदलावों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने आत्मसमर्पित युवाओं से उनके पूर्व नक्सली जीवन में व्यतीत अनुभवों, संगठन के भीतर की परिस्थितियों, हिंसात्मक गतिविधियों के परिणाम और आत्मसर्मपण के बाद की स्थितियों को विस्तार से जाना। मुलाकात के दौरान श्री नायक ने मानवाधिकारों की दृष्टि से उनकी वर्तमान स्थिति तथा सरकार द्वारा लागू की जा रही पुनर्वास योजनाओं के बारे में बताया। आत्मसमर्पित नक्सलियों ने श्री नायक को बताया कि जंगलों में लगातार डर, दबाव और हिंसा के बीच जीवन बेहद कठिन था। जंगल के भीतर असुरक्षा और परिवार से दूर रहने की मजबूरी ने उनके जीवन को कष्ट बना दिया था। उन्होंने कहा कि सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति, सुरक्षा की गारंटी और सामान्य जीवन में लौटने की इच्छा ने उन्हें हिंसा के रास्ते से अब वे समाज के मुख्यधारा में आएं है। आत्मसमर्पण करने के बाद उन्हें पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन का सहयोग मिल रहा है और अपने भविष्य को नए सिरे से संवारने का प्रयास कर रहे हैं।

श्री नायक ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को राज्य सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति के तहत कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इन प्रशिक्षणों में सिलाई-कढ़ाई, विद्युत कार्य, कम्प्यूटर, कृषि आधारित तकनीकें, वाहन मरम्मत जैसे कौशल शामिल हैं, जिनसे उन्हें आजीविका कमाने तथा समाज की मुख्यधारा में स्थायी रूप से जुड़ने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि रोजगारमूलक कौशल प्रशिक्षण आत्मसमर्पित युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन सकता है। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पित व्यक्तियों को सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आजीविका से जुड़ी सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। श्री नायक को आत्मसमर्पित नक्सलियों ने पुनर्वास प्रक्रिया से मिल रहे सुविधाओं पर खुशी जाहिर किया। श्री नायक ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समन्वय स्थापित कर उनके लिए रोजगार एवं स्वरोजगार की व्यवस्थाएं कराने के निर्देश दिए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक  वेदव्रत सिरमौर, अपर कलेक्टर  पंकज डाहिरे, संयुक्त संचालक  मनीष मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।