
प्रोटोकॉल फॉर मैनेजमेंट ऑफ़ कोविड-19 इन द पेडियाट्रिक ऐज ग्रूप’ में दी है जानकारी
कोविड संक्रमित गंभीर बच्चों में बढ़ता है न्यूमोनिया का खतरा, शिशुओं के लिए स्तनपान जरूरी
रायपुर, 30अप्रैल: बच्चों में कोविड 19 संक्रमण की रोकथाम व संक्रमित के उपचार के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी की है. ‘प्रोटोकॉल फॉर मैनेजमेंट ऑफ़ कोविड—19 इन द पेडियाट्रिक ऐज ग्रूप’ नाम से जारी इस एडवाइजरी में संक्रमित बच्चों के देखभाल के विषय में विस्तार से महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी है. एडवाइजरी में कहा गया है कि अभी तक कोविड संक्रमण का बहुत कम प्रभाव बच्चों पर देखा गया है. हालांकि, बच्चों में संकमण के बहुत हल्के लक्षण देखे गये हैं10% se 20% बिना लक्षण वाले बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ती है. एक से 3 प्रतिशत कोविड लक्षण वाले बच्चे गंभीर रूप से बीमार पड़ते हैं ,जिन्हें इंटेसिव केयर में भर्ती कराने की आवश्यकता होती है.
संक्रमित होने के बावजूद नहीं दिख पाते लक्षण:
बच्चों में कोविड संक्रमण अधिकतर माइल्ड यानि हल्के या एसिम्टोमेटिक होते हैं. एस्मिटोमेटिक मामले में बच्चे संक्रमित तो होते हैं लेकिन उनमें लक्षण नहीं दिखते हैं. जबकि माइल्ड केस में कुछ सामान्य लक्षण नजर आते हैं. कोरोना संक्रमण के सामान्य लक्षणों में बुखार, कफ, सांस लेने में समस्या, थकान, गले में खराश, डायरिया, सुगंध और स्वाद नहीं मिलना, मांसपेशियों में दर्द व नाक बहना आदि शामिल हैं. कुछ बच्चों में पाचन संबंधी समस्या आदि भी मिलते हैं. बच्चों में इन लक्षणों के अलावा एक नये लक्षण देखने को मिले हैं जिसे मल्टी सिस्टम इंफ्लामेट्री सिंडोम कहते हैं. इनमें लंबे समय तक लगातार 100 डिग्री बुखार रहते हैं।
