राज्यसभा में प्रधानमंत्री का उदबोधन लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है:- तेजराम विद्रोही*
राज्यसभा में 8 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसान आन्दोलन का मजाक बनाते हुए आंदोलनकारियों को आन्दोलनजीवि परजीवी कहना उनके पद के खिलाफ ही नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। वैसे तो वे और उनकी पार्टी के लोग अब तक जिस भाषा का उपयोग करते आए हैं उनसे अच्छी बातों की अपेक्षा…
