रायपुर। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों ने मिलकर राजधानी के थोक इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट को शहर के बाहर बसाने की पहल की है। एक निश्चित स्थान इलेक्ट्रॉनिक थोक बाजार को समेटने के लिए चेंबर पदाधिकारियों के साथ में इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन के व्यवसायियों ने रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान व्यवसायियों ने 106 दुकानों के लिए 5 करोड रुपए के चेक सौपे है।
चेंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन योगेश अग्रवाल ने बताया कि “डूमरतराई बाजार में आज विभिन्न व्यवसाय संचालित हो रहे है। जिसकी सफलता के बाद हम सभी ने मिलकर यह निर्णय लिया है कि समस्त थोक बाजार को शहर के बाहर शिफ्ट किया जाए। जिसमें व्यापारियों को तमाम मूलभूत सुविधाओं के साथ उनके व्यवसाय के लिए एक स्वच्छ वातावरण में दुकाने आवंटित की जाएंगी। इसके लिए आज हमने एक छोटी सी पहल की है जिसके तहत छत्तीसगढ़ इलेक्ट्रॉनिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन के कुल 106 दुकानों के लिए 5 करोड़ का चेक रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सुभाष धुप्पड़ को सौंपा है। वही उनसे डूमरतराई बाजार और कमल विहार के कमर्शियल एरिया में 1000 दुकानों की मांग भी रखी है। इस योजना को हम न सिर्फ राजधानी रायपुर में बल्कि प्रदेश के तमाम बड़े शहरों में भी ले जाएंगे जिससे दूसरे प्रदेश या फिर आसपास से पहुंचने वाले कारोबारियों को एक ही स्थान पर सब कुछ मिल सकें।” इस मौके पर चेंबर चेयरमेन योगेश अग्रवाल, राधाकिशन सुंदरानी, राजेश वासवानी, निकेश बरडिया, विनय बजाज, सुदेश मन्ध्यान सहित इलेक्ट्रॉनिक मार्केट से एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र तलरेजा, मनोहर वाधवानी, सुमित मेघानी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने इसके पहले भी शहर के अंदर अनाज, जूते चप्पल, तेल, गुड़ समेत कई व्यवसाय के थोक बाजार को डूमरतराई में शिफ्ट कराया है। जिसकी सफलता और व्यवस्थित संचालन के बाद बाकी व्यवसायों को शिफ्ट करने की तैयारी की गई। डूमरतराई थोक बाजार में थोक व्यवास की इस शिफ्टिंग के लिए चेंबर के तत्कालीन पदाधिकारी श्रीचंद सुंदरानी और जितेंद्र बरलोटा ने भी सफल प्रयास किए थे।
शिफ्ट होंगे सभी थोक बाजार
इन दुकानों में शहर के अंदर संचालित तमाम थोक व्यवसायों को शिफ्ट किया जाएगा। जिसमें ट्रांसपोर्ट एसोशिएशन ने 100 दूकान, आरडीए बिल्डिंग के 70 दुकानें समेत विभिन्न एसोशिएशन ने अपनी सहमति दी है। इसके आलावा अन्य थोक व्यवसाइयों को भी एक स्थान पर समेटने के लिए चेंबर पदाधिकारी उनसे चर्चा कर रहे है।
न लीज़ और न ही भूभाटक
आरडीए द्वारा दी जा रही इन दुकानों की खास बात यह है कि यहां जो दुकान व्यापारियों को दी जा रही है, वह किसी प्रकार से लीज पर नहीं है। ना ही उसका कोई भू-भाटक उनसे लिया जाएगा। इन दुकानों की सीधे रजिस्ट्री रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा व्यवपारियों के नाम की जाएंगी। जिसके बाद इनका मालिकाना हक दुकान पर होगा।
