*गरियाबंद जिले के ग्राम मोहंदा के शहीद जवान को ग्राम गिधनी में श्रद्धा सुमन श्रद्धांजलि अर्पित किए ग्रामीण जन,*

*मुड़ागांव (कोरासी)*
*छुरा गरियाबंद* शनिवार को बीजापुर के सुकमा में नक्सलियों के हमले में शहीद हुए 22 जवानों में शामिल एस-टी-एफ जवान की 2019 में शादी हुई थी। सुख सिंह फरस ने इससे पहले भी कई बार नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन को अंजाम दे चुके थे। शनिवार को सर्चिंग पर निकले थे वहीं भारतीय जवानों की टीम को नक्सलियों ने घेर कर फायरिंग शुरू कर दी जिसमें कई जवान घायल हो गए। वह सुख सिंह पारस अपने साथी जवानों का घेरा बना कर घायलों को सुरक्षित रखते हुए नक्सलियों की फायरिंग का जवाब देने लगे। इसी दौरान उनके करीब आईईडी ब्लास्ट हुआ और उनकी जान चली गई।
10 जून 1988 को जन्मे सुख सिंह फरस ने 2016 में छत्तीसगढ़ पुलिस ज्वॉइन की थी। उनकी तैनाती बीजापुर में थी। शनिवार को भी जब वे नक्सलियों से लोहा ले रहे थे तो साथियों का मनोबल बनाए रखने का प्रयास किया लेकिन अतिवादियों के विस्फोट से अपने आप को देश के लिए निछावर करना पड़ा।
गरियाबंद जिले के ग्राम मोहदा थाना मैनपुर जिला गरियाबंद के रहने वाले थे सुख सिंह फरस बीजापुर एवं सुकमा जिले के सीमावर्ती तरेमा थाना क्षेत्र के जोना गुडा़ जंगल में हुए मुठभेड़ में शहीद हुए सयुंक्त पुलिस पार्टी के 22 जवानों को ग्राम गिधनी के युवा साथी एवं वरिष्ठ नागरिक द्वारा नींम चौंक कचना धुरवा के पास मोमबत्ती जलाकर पुष्पांजलि अर्पित कर और दो मिनट का मौन रखकर श्रध्दांजलि दी गई और घटना में 31 जवानों घायल सभी जवानों को शीघ्र स्वास्थ्य होने का कामना किया गया।श्रध्दांजलि देते समय प्रमुख रूप से पुनितराम ठाकुर,पीलादाऊ ठाकुर,(मीडिया प्रचार प्रसार) कोमलसिंह ठाकुर,ग्राम के वरिष्ट नागरिक हीरामनसिंह ठाकुर,बेदुराम ठाकुर,खेमसिंह ठाकुर,चेतनठाकुर,यादराम ठाकुर,दीपक ठाकुर,उपस्थित रहे।
