
सुरेन्द्र मिनोचा
एमसीबी :- भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के मनेंद्रगढ़ विधान सभा प्रत्यासी महेश ने कहा कि आजादी को 76 वर्ष गुज़र गए पर देश का विकास तो छोड़ अच्छी सुरक्षा तक नही दे पाए। इस सरकार के पास रोजगार देने का एक मौका था,नई भर्ती करके रोजगार दिया जा सकता था। आप को बता दे कि थाना चिरमिरी में स्टाफ की कमी के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।बात करे मनेंद्रगढ़, झगराखान्ड, पोड़ी थाने की तो वहां का भी यही हाल है। पुलिस में स्टाफ की कमी होने के कारण जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है,जो पुलिस रातभर जागने का काम करती है,आम जनता की सुरक्षा को लेकर तैनात रहती है,शायद छत्तीसगढ़ की सरकार यह भूल गई कि पुलिस का भी एक परिवार होता है,उनके भी बच्चे होते है, वो भी अपने परिवार के साथ दो पल बिताना चाहते है। जिन्हे चौबीस घंटे ड्यूटी करने के बाद भी तत्काल बुला लिया जाता है, इनका दर्द शायद सरकार को नही दिखाई देता। चिरमिरी में लगभग टी आई समेत कुल 25 स्टाफ है जिसमे से 1 महिला आरक्षक स्टाफ है जो पूरे जिले में कार्य करती है।क्या इन सत्ता धारियों को कभी दिखाई नही दिया कि चिरमिरी थाना में महिला स्टाफ की कमी है। एक महिला पूरे जिले के काम को देखती है पांच से सात वर्ष पहले जाए तो चिरमिरी थाने में लगभग 40 से अधिक स्टाफ थे इनकी सरकार आने के बाद पुलिस स्टाफ की कमी पूरे जिले में हो गई।आज क्राइम का आंकड़ा इस सत्ताधारी सरकार को नही नजर आ रहा, अगर कोई बड़ी घटना हो जाए तो इसका जवाब देय कौन होगा? यह एक सबसे बड़ा सवाल है।आलम यह है कि जिले के लगभग सभी थानों का हाल एक जैसा है।ये सरकार रोजगार की बात करती है पर रोजगार के नाम पर असफल रही है।सरकार के द्वारा नई भर्ती करके रोजगार बढ़ाया जा सकता है, एक एक पुलिस वाले एक वर्दी में न जाने कितने घंटे गुजार देते है इनकी तकलीफों को कौन सुनेगा। एयर कन्डीशन में रहने वाले सत्ताधारी शायद यह भूल गए कि समय की आवाज में बहुत ताकत होती है, वो समय दूर नहीं जब जनता जवाब देगी,जनता अब जागरूक हो चुकी है, चंद चीजों में अब जनता नही बिकेगी।
