
मगरलोड :- शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मेघा में शनिवार को बौद्धिक एवं साहित्यिक कार्यक्रम के अंतर्गत बालकवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें हाई स्कूल करेली बड़ी के 10 बाल कवियों ने शानदार कविता पाठ कर जनजागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के प्राचार्य सुरेश साहू, शाला विकास समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह दिग्वा, रमेश साहू, आओ कविता लिखें समूह के संस्थापक शिक्षक एवं शायर जितेंद्र सुकुमार साहिर, व्याख्याता सुशील साहू, बृजेश देवांगन, अवध राम साहू,पुनेश्वर प्रजापति, संकुल समन्वयक हलधर साहू के करकमलों से ज्ञान दायिनी माॅं शारदे की पूजा अर्चन कर किया गया। आओ कविता लिखें समूह के संस्थापक शायर जितेंद्र सुकुमार साहिर ने सभा को संबोधित करते हुए कहा अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए कविता सरल माध्यम है। कविता लिखना बहुत आसान है बस मुश्किल है तो शुरुआत करना, कविता दिल की आवाज़ है जो अक्सर होंठों में क़ैद रहती है।साथ ही साथ छात्र छात्राओं को मोटिवेट करते हुए कहा सभी बच्चे अपना खाली समय का टी वी या मोबाइल की जगह साहित्य सृजन में लगाये।संस्था के प्राचार्य सुरेश साहू ने कहा नव चेतना जागृत करने के लिए बच्चों को साहित्य से जोड़ना बहुत जरूरी है इस कार्यक्रम से प्रेरित होकर हमारे विद्यालय के बच्चों में निश्चित ही लेखन में रूचि जागेगी। संकुल समन्वयक हलधर साहू ने अपने विचार रखते हुए सफल कार्यक्रम के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मंच का संचालन प्रीतम लाल साहू एवं बालकवि नियति साहू ‘कायनात” ने किया। गीतांजलि ने फैशन पर करारा व्यंग्य करते हुए अपनी कविता पढ़ी। ईशा सेन “आस्मां” ने महिला उत्पीडन को कविता का विषय बनाया। भावना साहू ने तीजा के त्यौहार को छत्तीसगढ़ी में वर्णन कर खूब तालियां बटोरी। परमेश्वरी साहू ने बेटी पर खूबसूरत रचना पढ़ी। वहीं लिलम बघेल ने हाय रे मेरी चारपाई पर हास्य कविता सुनाकर देर तक सबको खूब गुदगुदाया। प्रीती साहू ने पर्यावरण संरक्षण कविता पर जनजागरूकता का संदेश दिया। नियति साहू ‘कायनात’ ने लड़कियों पर हो रहें शोषण और हत्या को अपनी कविता में उकेरा। कशिश पाल ने आई फ्लू पर शानदार कविता सुनाई। विरम निषाद ने आये दिन हो रहे सड़क हादसों को मद्देनजर रखते हुए नई कविता पढ़ी। वंदना सेन ने चंद्रयान 3 पर समसामयिक रचना पढ़ी-जय हो जय हो पुकारे ये भारत देश हमारा ने खूब वाहवाही लूटी। शिक्षक देवनारायण निषाद एवं सुशील साहू ने भी अपनी कविता की प्रस्तुति देकर समा बाधा।सभी अतिथियों का श्रीफल एवं कलम भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में स्टाफ व्याख्याता भावना चावड़ा, किरण साहू, टुकेश्वरी साहू, जयंत साहू, प्रीतम लाल साहू, अमित साहू, अवध राम साहू, विद्या साहू, कीर्ति लता साहू, दिलीप , नागेश ,डिकेश, दिपेश कोसरिया का सहयोग सराहनीय रहा ।
