नवीन मेला ग्राउंड की सड़क में कई गड्ढे बने।

राजिम :- इन दिनों पूरे क्षेत्र के साथ-साथ नवीन मेला ग्राउंड की सड़क गड्ढे में तब्दील हो रहा है। गड्ढे को यदि शीघ्र नहीं भरा गया तो विकराल स्थिति पैदा हो सकती है। बताना जरूरी है कि इसी सड़क से नवीन मेला ग्राउंड पहुंच जाता है जिसमें मंत्री से लेकर संत्री तक आना-जाना करते हैं। इसके अलावा गरियाबंद जिला को धमतरी एवं रायपुर जिला से जोड़ने का प्रमुख सड़क है। इस दो किलोमीटर लंबी सड़क पर ढ़ेरों छोटे-बड़े गड्ढे दिनों दिन बढ़ते जा रहे हैं। हैवी गाड़ियां भी इसी मार्ग पर चलती है। रोड के किनारे मकान बनाने वाले लोग भी किनारे में मटेरियल छोड़ देते हैं जिसके कारण सड़कों की चौड़ाई छोटी हो जाती है और राहगीर तकलीफ में फंस जाते हैं। स्कूली छात्र-छात्राएं कई बार गिर चुके हैं। साईड देने के चक्कर में भी राहगीरों को मुश्किल से गुजरना पड़ता हैं। उल्लेखनीय की कुछ माह पहले प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री ताम्राध्वज साहू निरीक्षण करने के लिए नवीन मेला मैदान पहुंचे हुए थे उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि लाखों करोड़ों की लागत से दो सड़के बनेगी जिसमें एक अंदरुनी सड़क मेला मैदान पर होगा तथा दूसरा चौड़ी सड़क होगी। शीघ्र यह काम चालू होगा। बताना होगा कि सड़क का काम अभी तक चालू नहीं हुआ है जिसके कारण राहगीरों को बड़ी परेशानी हो रही है। स्कूली छात्र छात्राएं बड़ी संख्या में राजिम शहर पढ़ने के लिए साइकिल से निकलते हैं। पालकों में डर बना रहता है। जर्जर सड़क से बच्चों का स्कूल के लिए निकलना जोखिम हो गया है। इधर चौबेबांधा पुल पार कर नवागांव, बुड़ेनी, भेंडरी, मुहरेंगा, चंदना, चमसुर, कुंडेल सही तकरीबन तीन दर्जन गांवों के लोग धमतरी जिला से पढ़ने के लिए राजिम शहर पहुंचते हैं।

वह इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। इसके अलावा चौबेबांधा, सिंधौरी, बरोंड़ा, श्यामनगर, सुरसाबांधा, तर्रा, कुरूसकेरा इत्यादि गांवों के सैकड़ो बच्चे साइकिल से होकर शहर की स्कूल कॉलेज में पढ़ाई करने के लिए आते हैं। इस सड़क मार्ग पर 24 घंटे वाहनों की रेलम पेल लगी रहती है। इतने व्यस्त मार्ग होने के बावजूद भी सड़क मार्ग की कोई सुधार नहीं होना संबंधित विभाग के सुस्त रवैया के उजागर करती है। कम से कम गड्डा को तो भरा जा सकता था। लेकिन उसे बढ़ाने के लिए छोड़ दिया गया है जिससे राहगीरों में खासे नाराजगी है। रास्ता पार कर रहे धमतरी जिला के राहगीर संतोष, मन्नू, भूपेंद्र, दीनानाथ, केशव ने बताया कि छोटे बड़े सभी काम चाहे कृषि के लिए समान खरीदनी हो या फिर हॉस्पिटल जाना हो सभी कार्यों के लिए इसी मार्ग से आना-जाना करते हैं लेकिन सड़क मार्ग के जर्जर होने से संभाल कर चलते हैं। थोड़ी सी भी नजर हटी तो दुर्घटना घटी वाली कहावत को यह सड़क मार्ग पर चरितार्थ कर रही है। राखी पहुंचने के लिए रायपुर से आ रहे विश्वनाथ भोजराम ने बताया कि गड्ढे में पानी होने के कारण पता ही नहीं चला और हमारी बाइक उस गड्ढे में आ गई। बड़ी मुश्किल से बचे हैं वरना हम गिर ही जाते हैं। यात्रियों ने शीघ्र गड्ढे को भरने की मांग पीडब्ल्यूडी मंत्री ताम्राध्वज साहू, क्षेत्रीय विधायक अमितेश शुक्ल एवं पीडब्ल्यूडी विभाग के  शीर्षास्त अधिकारियों से की है।