राजिम:- कांटोला सब्जियां सेहत के लिए फायदेमंद होती हैं, इसलिए कई तरह की सब्जियों को हम अपने आहार में जगह देते हैं। इनमें से कुछ सब्जियों से हम वाकिफ होते हैं, तो कुछ से अंजान। ऐसी ही एक सब्जी कंटोला है। इसकी सिर्फ सब्जी ही फायदेमंद नहीं होती, बल्कि इसकी जड़ और पत्ते भी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। कंटोला एक छोटी कांटेदार दिखने वाली सब्जी है, जिसे ककोड़ा और मीठा करेला के नाम से भी जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम मोमोरडिका डायोइका है। इसकी पूरी बेल चिकित्सकीय गुणों से भरपूर होती है। ध्यान दें कि इसका सेवन बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि बचाव का तरीका हाे सकता है। चलिए, अब नीचे विस्तार से कटोला और उसके पत्ते व जड़ से होने वाले फायदों के बारे में जान लेते हैं।
कंटोला के फायदे :-
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर कंटोला :- कंटोला एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर मौजूद एक शोध में भी इस बात का जिक्र है। उसके अनुसार, कंटोला में फ्लेवोनोइड तत्व होता है, जो शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि प्रदर्शित करता है । यह एंटीऑक्सीडेंट शरीर में फ्री-रेडिकल्स द्वारा उत्पन्न कोशिकाओं से होने वाले नुकसान को रोक सकते हैं व धीमा कर सकते हैं । इन फ्री रेडिकल्स व मुक्त कणों की मात्रा जब ज्यादा हो जाती है, तो हृदय रोग, कैंसर और लिवर की समस्याएं होने का जोखिम बढ़ सकता है ।

अल्सर के लिए कंटोला का उपयोग :- अल्सर की समस्या से बचाव के लिए भी कंटोला का उपयोग किया जा सकता है। इस विषय पर लखनऊ के नेशनल बॉटैनिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट द्वारा चुहों पर एक शोध किया गया, जिसके मुताबिक कंंटोला के फल के हाइड्रोअल्कोहल अर्क में एंटीअल्सर गुण होता है। दरअसल, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फ्री-रेडिकल्स को दूर करने वाला प्रभाव गैस्ट्रिक और एसिड को कम करके एंटीअल्सर गुण प्रदर्शित करते हैं ।
बुखार में कंटोला के फायदे :- बुखार को कम के तरीके में भी कंटोला को शामिल किया जा सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, कंटोला की जड़ के रस में एंटीपाएरेटिक गुण होता है। यह प्रभाव बुखार को कम करने में मदद कर सकता है। इस रिसर्च में लिखा है कि यह सीडेटिव की तरह कार्य करता है। इसी वजह से तेज बुखार में इसकी जड़ का पेस्ट शरीर में लगाने से राहत का एहसास हो सकता है ।
कैंसर से बचाव के लिए कंटोला का उपयोग :-
कैंसर एक घातक बीमारी है। इससे बचाव करने में कंटोला कुछ हद तक मददगार साबित हो सकता है। शोध में पाया गया कि कंंटोला के अर्क में एंटी कैंसर गुण होता है। रिसर्च के मुताबिक, कंटोले सब्जी के अर्क का इस्तेमाल करने से 50 प्रतिशत तक कैंसर सेल्स को नियंत्रित किया जा सकता है ।एक अन्य शोध में बताया गया है कि कंटोला की जड़ के अर्क में भी एंटी कैंसर गुण होता है। यह गुण कैंसर सेल्स को पनपने से रोक सकता है । गौर हो कि कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जिसके इलाज के लिए घरेलू उपचार के भरोसे नहीं बैठना चाहिए। अगर कोई इस रोग की चपेट में आ जाए, तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
टाइप-2 मधुमेह में कंटोला के फायदे :- रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाने पर मधुमेह की समस्या हो सकती है। इससे कुछ हद तक बचाव करने में कंटोला फायदेमंद हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित चूहों पर हुए शोध में पाया गया है कि कंटाेला में एंटीडायबिटिक और हाइपोग्लाइसेमिक प्रभाव होते हैं। कंटोला के ये गुण रक्त में मौजूद शुगर के स्तर को कम करने व नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। ऐसे में टाइप-2 मधुमेह से बचाव के लिए आहार में इसे शामिल किया जा सकता है।
त्वचा के लिए कंटोला के फायदे :- कंटोला का उपयोग सेहत के साथ ही त्वचा के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। एक रिसर्च पेपर में जिक्र है कि कंटोला के पत्तों का पेस्ट त्वचा संबंधी रोग को दूर कर सकता है। इसके कच्चे फल यानी टेंडर कंटोला को मुंहासे की समस्या कम करने के लिए जाना जाता है। साथ ही कंटोला के भुने हुए बीज एक्जिमा और अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए फायदेमंद हो सकते हैं ।

इतना ही नहीं, कंटोला की जड़ के पाउडर का उपयोग भी त्वचा के लिए लाभदायक होता है। इसे चेहरे पर लगाने से स्किन सॉफ्ट हो सकती है। साथ ही यह त्वचा पर आने वाले पसीने को कम कर सकता है । इन फायदों के लिए कौन से तत्व व गुण मददगार हैं यह अभी स्पष्ट नहीं है।
कंटोला का उपयोग –कंटोला का उपयोग कई प्रकार से किया जा सकता है। यहां पर हम आपको इसके कुछ आम उपयोग के बारे में बता रहे हैं।

- भारतीय रसोई में इसका उपयोग सब्जी बनाने के लिए किया जाता है।
- इसकी जड़ के पेस्ट को तेज बुखार आने पर पूरे शरीर पर लगा सकते हैं।
- कंटोला के पाउडर को पिम्पल से बचाव के लिए त्वचा पर लगाया जा सकता है।
- इसकी सूखी जड़ के पाउडर का उपयोग त्वचा को नरम करने और पसीना कम करने के लिए किया जा सकता है।
- कंटोला का जूस बनाकर पी सकते हैं।
इसके भुने बीज का पाउडर बनाकर एक्जिमा से बचाव किया जा सकता है।
कब करें उपयोग : कंटोला का उपयोग सब्जी के रूप में लंच या डिनर में कभी भी किया जा सकता है। इसकी जड़ के रस का सेवन सुबह खाली पेट भी कर सकते हैं।

मात्रा : सब्जी के रूप में इसका उपयोग एक कटोरी किया जा सकता है। डायबिटीज की समस्या में इसकी जड़ के रस का सेवन 50ml सुबह खाली पेट लेने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, इसकी सब्जी का जूस या गूदे का सेवन शारीरिक समस्या के हिसाब से अलग-अलग मात्रा में किया जाता है । इसका सेवन दवाई के रूप में करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
कंटोला के नुकसान – कंटाेला के फायदे के साथ ही कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। इसी वजह से कंटोला का सेवन संयमित मात्रा में ही किया जाना चाहिए। यहां हम इसका अधिक उपयोग करने से होने वाले कंटोला के नुकसान के बारे में बता रहे हैं ।
- कंटोला का सेवन रक्त में मौजूद शुगर को कम कर सकता है। लो शुगर की समस्या वाले इसका सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करें ।
- इसकी जड़ में गर्भनिरोधक और एंटीफर्टिलिटी गुण होता है।
- संभव है कि संवेदनशील लोगों को कंटोला से एलर्जी हो, इसलिए डॉक्टर की सलाह पर इसका सेवन करें।
