इन दिनो ग्रामीण (कोवा) टोरी फल संग्रहण करने मे लगे हुए है।

मुड़ागांव/कोरासी:-वनांचल क्षेत्र मे इन दिनो ग्रामीण (कोवा) टोरी फल संग्रहण करने मे लगे हुए है परिवार सहित वनांचल क्षेत्र मे टोरी फल आय का महत्वपूर्ण स्थान है जो 35 से 40 रुपये किलो मे व्यपारी खरीदने गांव गांव मार्केट मार्केट घूम कर खरीदी जाती है ।यह टोरी फल महुआ पेड़ से दुसरा नंबर का आय का स्त्रोत है पहली फुल जिसे ग्रामीण सुबह चार बजे से दोपहर तक संग्रहण कर के सुखा कर व्यापारी को बेचा जाता है,और दुसरा स्थान महुआ का फल टोरी जो इस मौसम मे गिरता है उसको ग्रामीण तोड़कर बिन कर घर मे बैठ कर कोवा को फोड़कर उसके अंदर से टोरी बीजों को निकाल रहे है। टोरी के फल से तेल निकाला जाता है,और इसी तेल से पहले वनवासी व ग्रामीण खाने मे उपयोग करते थे टोरी तेल औषधि गुणों से भरपुर है छोटे बच्चों को टोरी तेल से सेकाई की जाती थी जिससें छोटे  बच्चे के स्वस्थ रहे साथ हि सभी बड़े बुजुर्ग भी अपने शरीर मे लगा कर थकान और दर्द दुर हो जाता था।आज लोग टोरी तेल का उपयोग करना भूल गये है जो औषधि गुणो से भरपूर है आज के समय मे लोग राईस ब्रांड तेल का उपयोग किया जा रहा है।बुजुर्गों ने बताया टोरी तेल पहले एक टीपा निकालते थे तो टोरी तेल एक टीपा पुरे एक वर्ष तक खत्म नही होता अब तो राईस एक टीपा एक महिना मे खत्म हो जाता है लोग टोरी तेल खाना बंद कर दिये है।जो औषधि गुणो से भरपूर है आज कई बड़े बड़े बिमारी हो रहा जो पहले बड़े बड़े सेठो को होता था आज सभी को हो रहा है क्योंकि आज हम सभी औषधि गुणों से भरा वनांचल के फल फुल और वहां से मिलने वाले सभी को भूलकर मुह के स्वाद को देख कर सभी भूल गये है।