डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की 132 वी जयंती नया बस स्टैंड पास जिले में धूमधाम से समाज के अध्यक्ष सुरेश चन्द्राकर के नेतृत्व में मनाई गई।

बीजापुर:- बीजापुर बस स्टैंड से शहर में हजारो लोग रैली निकालते हुए जय माता मराई महार समाज के लोगो ने नृत्य करते हुए जय भीम के नारा लगाते शहर में भव्य रैली निकाली गई।यह रैली न्यू बस स्टैंड से विधायक निवास चौक से वापसी कर कार्यक्रम स्थल में समाप्त हुई।तथ पश्चात नया बसस्टैंड में डॉक्टर भीम राव अंबेडकर की स्टेचू में माल्यार्पण कर अम्बेडकर जी की जयंती पर उन्हें स्मरण किये।वही पर लगे हजारो लोगो ने लगाए जय भीम के नारे।

वही कुछ क्षण पश्चात जय माता मराई महार समाज के जिला इकाई के कार्यक्रम में मुख्यअतिथि क्षेत्रिय विधायक विक्रम मंडावी पहुँचे।विधायक विक्रम मंडावी के आते ही लोगो मे उत्साह और बढ़ गई।वही दूसरी और सुरेश चन्द्राकर के अध्यक्षता में कराए जा रहे इस कार्यक्रम में राजधानी से आये वक्ताओं ने भीमराव आंबेडकर के जीवन से लेकर उनके कार्य क्षेत्र व उनकी उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी साझा किये।वरिष्ठ साहित्यकार ने कहा कि आंबेडकर ने जाति प्रथा का पूर्ण रूप से उन्मूलन कर इंसानियत की नींव रखी। उनमें गांधी का सपना और महात्मा बुद्ध की करुणा दोनों थी।मुख्यअथिति क्षेत्रीय विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि अंबेडकर संविधान निर्माता के साथ प्रख्यात शिक्षाविद् व समाज सुधारक भी थे।साथ ही वही अपने शब्दों में ये भी कहा कि सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संघर्ष में लगा दिया पूरा जीवन यही वजह है कि, मैं आप आज स्वंत्रता के साथ यंहा गुम पा रहे है ,बोल पा रहे है,ये संविधान की देन है, आज मैं आप स्वतंत्र है।वही अगले कड़ी में समाज के अध्यक्ष सुरेश चंद्राकर ने कहा कि डॉ. आंबेडकर बुद्ध एवं कबीर की परंपरा के क्रांतिकारी मनीषी थे। उनके व्यक्तित्व व कृतित्व को सबसे साझा किया। वही अब जिला पंचायत सदस्य नीना ने कहा कि आंबेडकर के जन्मदिवस को ज्ञान एवं समानता दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लेने का आवाह्न किया है। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष लालू राठौर, जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुडियंम ,सहित कार्यक्रम के अध्यक्ष राजेंद्र दुर्गम, मनीष झाड़ी,नंदू,बबलू गांधरला, विष्णु दुर्गम,मो जाकिर खान,डी एस राम,नागेश दुर्गम,जी मल्लाराम,विजय चन्द्राकर सहित विहान दुर्गम,अनिल जंगम,रितेश चन्द्राकर, रोहित दुर्गम, इस जय माता मराई महार समाज के पूरे कार्यक्रम में आदि लोग मौजुद रहे।