
राजिम :- बाबा कुलेश्वर नाथ महादेव की नगरी प्रयागराज राजिम में सोमवार शिव का वार होने के कारण बड़ी संख्या में शिव मंदिरों में भीड़ देखी गई। श्रद्धालुओं को महादेव के शिवलिंग पर जलाभिषेक करने के लिए इंतजार करना पड़ा। पंचमुखी कुलेश्वर नाथ महादेव मंदिर में तो भीड़ ऐसे ही बढ़ गई थी लोग लाइन में लगकर महादेव की पूजा अर्चना कर रहे थे वहीं भगवान राजीव लोचन मंदिर के सामने स्थित राज राजेश्वर नाथ महादेव मंदिर जिन्हें स्वयंभू शिवलिंग कहा जाता है। भक्तगण यहां आकर जल से जलाभिषेक किया तथा दूध, दही, शहद, बिल्वपत्र, केसरईया, कनेर, धतूरा, शमी के पत्र इत्यादि शिवलिंग पर चढ़ा कर पूजन अर्चना किए। श्री शिवाय नमस्तुभयम जाप करते रहे। मंदिर में आने वाले भक्तों ने परिवार सहित महादेव की पूजन अर्चन किए तथा महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया गया इनके अलावा महादेव के पंचाक्षरी मंत्र ऊं नमः शिवाय का जाप हुआ। घंटियों की झंकार से पूरा प्रयाग नगरी गूंज उठा।

शहर के अलावा गांव के शिव मंदिर में भी लगती है सुबह से भीड़-शहर के अलावा गांव के शिव मंदिरों में भी अब प्रतिदिन महिला एवं पुरुषों की भीड़ लगी रहती है। ज्यादातर महिलाएं बाल्टी में पानी लेकर लोटे से शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं। बताया जाता है कि लगभग तीन-चार माह पहले राष्ट्रीय संत प्रदीप मिश्रा के शिव महापुराण पर उन्होंने नारा दिया कि एक लोटा जल सभी समस्याओं का हल। तब से बड़ी संख्या में शिव मंदिरों में भीड़ जुटने लगी है। सुबह से लेकर दोपहर तक और अपराह्न 3:00 बजे से लेकर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रहती है।
ठीक राजीव लोचन के सामने स्थित है राज राजेश्वर नाथ महादेव-राज राजेश्वरनाथ महादेव को स्वयंभू शिवलिंग कहा जाता है। यह भगवान राजीवलोचन के ठीक सामने हैं। मंदिर राजीव लोचन के समकालीन है। 10 खंभों पर टिका महा मंडप में मूर्तिकला का शानदार उदाहरण दिया गया है। गर्भगृह में महादेव अपने रूद्र परिवार के साथ विराजमान शिवलिंग पर शेषनाग फन लेकर खड़े हुए हैं नीचे वेदी पर मां पार्वती मौजूद है। सामने नंदी महाराज पालथी मारकर बैठे हुए हैं। महादेव के दर्शन करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु अपनी मुराद नंदी के कानों पर जरूर फुसफुसाते हैं। महादेव की अर्ध परिक्रमा किया गया। सोमवार को दर्शन करने सपरिवार पहुंचे कवि एवं साहित्यकार संतोष कुमार सोनकर मंडल ने बताया कि महादेव के दर्शन करने से आत्मिक शांति मिलती है। हर भक्तों को महादेव मंदिर जाकर प्रणाम जरूर करना चाहिए। धर्म कर्म से लोग अनुशासित होते हैं। इसी तरह से महासमुंद, रायगढ़ एवं भिलाई से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि प्रयाग नगरी अपने आप में महातीर्थ है यहां आने के बाद हमें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है भगवान का दर्शन ही सब कुछ है।
धर्म नगरी में है अनेक शिवलिंग-प्रसिद्ध पंचमुखी कुलेश्वर नाथ महादेव शिवलिंग के अलावा प्रमुख रूप से राज राजेश्वर नाथ महादेव, दान दानेश्वर नाथ महादेव, बाबा गरीब नाथ, सोमेश्वर नाथ महादेव, भूतेश्वर नाथ महादेव, पंचेश्वर नाथ मामा भांचा मंदिर, पद्मनेश्वर नाथ महादेव इत्यादि के अलावा 5 कोस की दूरी पर पंचकोशी शिवपीठ जिनमें पटेश्वरनाथ महादेव पटेवा, चंपाकेश्वर नाथ महादेव चंपारण, ब्रह्म केश्वर नाथ महादेव बम्हनी, फणीकेश्वर नाथ महादेव फिंगेश्वर, कर्पुरेश्वरनाथ महादेव कोपरा है।
