रहस नृत्य भगवान कृष्ण के जीवनलीला की जीवंत झांकी : चंद्रशेखर साहू।

 

राजिम :- क्षेत्र के ग्राम सुरसाबाँधा में कई दशकों से होली पर्व के अवसर पर चली आ रही फाग महोत्सव व रहस नृत्य की परंपरा अनवरत जारी है। प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी गांव के हॄदय स्थल गांधी चौक में रहस व फाग का आयोजन ग्रामवासियों द्वारा किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में जिला पंचायत सदस्य चंद्रशेखर साहू शामिल हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत की सरपंच कौशल्या साहू, उपसरपंच गौतम साहू, ग्रामीण साहू समाज के अध्यक्ष मदन साहू, गिरवर साहू, सुरेश साहू, कृष ध्रुव, खूबलाल साहू, जीवन साहू, चेतन साहू,अनिल टांडिया आदि शामिल हुए। अतिथियों ने भगवान श्री कृष्ण की छायाचित्र में विधिवत पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि रहस नृत्य व फाग गीत भगवान श्रीकृष्ण के जीवनलीला की जीवंत झांकी है।उत्सवधर्मिता छत्तीसगढ़ के कण-कण में विद्यमान है। प्रत्येक लोकपर्वों पर अनेक लोकनृत्यों की विशिष्ट विधाओं ने हमारी संस्कृति को समृद्ध करने का कार्य किया है जिनमें होली की फागुनी बयार में होने वाली रहस नृत्य भी शामिल है। भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा की वेशभूषा में रहस नर्तक जब रंग गुलाल उड़ेलते हुए डंडारी नृत्य करते हैं तब हमारी लोकसंस्कृति का वृहद स्वरूप अभिव्यंजित होते हैं। इस गांव की मुख्य विशेषता यह भी है कि वर्षों से चली आ रही प्राचीन परंपरा को आज भी संजोने का कार्य नई पीढ़ी के द्वारा किया जा रहा है। इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन नंदकुमार साहू ने की। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामवासियों की उपस्थिति रही।