भगवान राजीवलोचन के साथ भक्तों ने जमकर खेली होली।

राजिम :- प्रयाग नगरी राजिम में चारों तरफ होली पर्व की धूम रही। जिधर देखो उधर गुलाल का छिड़कन, पिचकारी से रंगों की फुहार मची हुई थी। शुभ मुहूर्त के अनुसार सोमवार को रात्रि 2:00 से 3:00 के मध्य शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में होली जलाई गई और सुबह से ही रंगोत्सव खेला गया। लोग अपने घरों से कंडे, लकड़ी लाकर होलिका ढ़ाड़ पर समर्पित कर रहे थे। होली जलने के कारण ज्यादा ताव होने से दूर से ही पूजन अर्चन की।हवन सामग्री डालकर नारियल और गुलाल चढ़ाते रहे पश्चात एक-दूसरे पर गुलाल लगाकर भाईचारा का संदेश दिया। लोग सारे ईष्या द्वेष को भुलाकर होली के रंग में रंग दे। छोटे बच्चे पिचकारी लेकर रंग उड़ेलता रहा। तो बड़े भी रंग में सराबोर हो गए। गांव शहर गली मोहल्ले सभी जगह होली की फुहार देखते ही बन रही थी नगाड़े की थाप पर लोग होली गीत पर झूम रहे थे। दोपहर बाद भगवान राजीवलोचन मंदिर में भक्तों की भीड़ आना शुरू हुआ तो देर शाम रात तक पूरा मंदिर परिसर खचाखच भरा रहा। लोग अपने परिवार के साथ भी आते रहे और अपने चिर परिचित को देखकर गुलाल लगा रहे थे। इधर नगाड़े की थाप पर लोग घूम रहे थे पूरा शरीर रंग से सराबोर हो गया था गुलाल से कपड़े सन गया था। गायकों के द्वारा होली के गीत गा रहे थे और नृत्य की अनोखी छाप ने माहौल में चार चांद लगा दिया। जैसे ही भगवान राजीवलोचन गर्भ गृह से होकर महामंडप तथा सिढ़ी से उतरकर भक्तों के बीच पहुंचे उसके बाद तो भगवान के साथ होली खेलने के लिए भीड़ ने गुलाल छिड़काव करते रहे। इससे पूरा मंदिर परिसर में सतरंगी छटा बिखर गई। पूरे साल भर में ऐसा दृश्य सिर्फ होली के अवसर पर ही देखने को मिलता है। इस दौरान होली पर्व मनाने के लिए राजिम विधायक अमितेश शुक्ला अपने समर्थकों के साथ पहुंचे तो दूसरी ओर भाजपा के पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय पहुंचकर भगवान के साथ होली खेला। इस दौरान विभिन्न दलों के नेतागण भी पहुंचते रहे और लोगों से मिलकर रंग गुलाल खेलकर होली में हो गए। बताया जाता है कि पूरी दुनिया में भगवान राजीवलोचन होली खेलने के लिए भक्तों के बीच पहुंचते हैं यह अनोखी परंपरा है जो सिर्फ धर्म नगरी राजिम में प्रचलित है। क्षेत्र में दो दिन तक मना रहे होली
धर्म नगरी राजिम में होली 6 मार्च सोमवार को रात्रि 2:00 बजे जलाए गए। इसके अलावा आस-पास के गांव में भी राजीव लोचन मंदिर के अनुसार ही त्यौहार मनाया गया परंतु नदी के दूसरे छोर पर स्थित नवापारा शहर में होली मंगलवार को जलाई गई और बुधवार को रंगोत्सव खेला जाएगा। इस बार दो दिनों तक होली होने से कुछ लोगों ने विरोध दर्ज करते हुए कहां की होली तो एक ही दिन सब जगह होनी चाहिए। इस तरह का अलग-अलग दिन होने से त्योहार की रौनकता खत्म हो जाती है। गायत्री मंदिर में चला फगवा का फाग, गायत्री मंदिर परिसर में भी श्रीराम संगीत कला केंद्र के आचार्यों एवं छात्रों के द्वारा फगवा का फाग प्रस्तुत किया गया लोग रंग गुलाल उड़ाकर फाग गीतों के तान पर झूमते रहे। तुलाराम साहू ने बताया कि प्रतिवर्ष यहां फाग गीत प्रस्तुत किया जाता है जिससे सुनने देखने के लिए लोग बड़ी संख्या में उपस्थित होते हैं।