कोटरी नदी पर बांध, सड़क सुधार, अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर व ब्लड बैंक शुरू करने सहित छह सूत्रीय मांगें
पखांजूर – पखांजूर क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन, एआईएमएसएस पखांजूर इकाई ने शुक्रवार को एसडीएम पखांजूर एवं नगर पंचायत अध्यक्ष के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने क्षेत्र में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य सुविधाओं और बच्चों के लिए पार्क जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि पखांजूर एवं आसपास के गांवों में किडनी संबंधी रोग सहित विभिन्न बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। संगठन ने पेयजल को स्वास्थ्य से जोड़ते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के भूजल में विभिन्न प्रकार के खनिज पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। ऐसे में पखांजूर क्षेत्र में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना जरूरी है।
*कोटरी नदी पर बांध बनाकर पेयजल उपलब्ध कराने की मांग*
संगठन ने पखांजूर के समीप बहने वाली कोटरी नदी पर बांध निर्माण की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि नदी के पानी को फिल्टर कर पखांजूर एवं आसपास के गांवों में पेयजल के रूप में सप्लाई किया जाए, जिससे लोगों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पानी उपलब्ध हो सके।
पखांजूर-बांदे मार्ग की बदहाली पर जताई चिंता
ज्ञापन में पखांजूर से बांदे जाने वाले मार्ग की खराब स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। संगठन ने सड़क को बेहतर ढंग से बनाने के साथ-साथ पखांजूर-बांदे मार्ग में आने वाली अंजनी पुलिया, पीवी-33 से पीवी-39 के बीच की पुलिया, बड़े कापसी से बड़गांव की ओर जाने वाली पुलिया तथा पीवी-34 के पास की पुलिया को चौड़ा एवं मजबूत करने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है। खनिज पदार्थों से लदे बड़े ट्रकों एवं डंपरों की आवाजाही भी बढ़ गई है। खराब सड़क और संकरी पुलियाओं के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। संगठन ने इन स्थानों पर तत्काल सुधार कार्य कराने की मांग की है।
*सिविल अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग*
महिलाओं ने पखांजूर स्थित मदर मेरी सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। ज्ञापन में कहा गया कि अस्पताल में महिला, शिशु, मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सक एवं शल्य चिकित्सक जैसे विशेषज्ञ डॉक्टरों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने के कारण मरीजों को इलाज के लिए कांकेर जिला अस्पताल तक जाना पड़ता है।
संगठन के अनुसार पखांजूर से कांकेर की दूरी लगभग 150 से 200 किलोमीटर तक होने के कारण गंभीर मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता और अनावश्यक मृत्यु का खतरा बना रहता है। संगठन ने पखांजूर सिविल अस्पताल में सभी आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति तत्काल करने की मांग की है। पखांजूर सिविल अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और स्टाफ की आवश्यकता का मुद्दा पहले भी सामने आता रहा है।
*महिला शल्य चिकित्सक एवं सीजेरियन प्रसव की सुविधा की मांग*
ज्ञापन में महिला स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विशेष मांग रखी गई है। संगठन ने कहा कि अस्पताल में सीजेरियन प्रसव की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण प्रसव के दौरान महिलाओं और नवजात बच्चों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ता है।
संगठन ने पखांजूर सिविल अस्पताल में तत्काल महिला शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ की नियुक्ति करने तथा सीजेरियन प्रसव की सुविधा सुचारू रूप से उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि गर्भवती महिलाओं को दूर के अस्पतालों में रेफर न करना पड़े।
ब्लड बैंक एवं ब्लड ट्रांसफर व्यवस्था शुरू करने की मांग
ज्ञापन में अस्पताल में ब्लड बैंक और ब्लड ट्रांसफर की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाया गया है। संगठन ने कहा कि पखांजूर सिविल अस्पताल में ब्लड ट्रांसफर की पूरी व्यवस्था होने के बावजूद इसकी प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित नहीं होने से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध नहीं हो पाता।
संगठन ने मांग की है कि पखांजूर सिविल अस्पताल में तत्काल ब्लड बैंक का कार्य प्रारंभ कराया जाए तथा ब्लड ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया को सुचारू किया जाए, ताकि रक्त की कमी के कारण होने वाली अनहोनी को रोका जा सके।
*बच्चों के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में पार्क बनाने की मांग*
ज्ञापन में बच्चों के लिए मनोरंजन एवं खेलकूद की सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है। संगठन ने कहा कि पखांजूर क्षेत्र में बच्चों के लिए पर्याप्त पार्क नहीं हैं। इसलिए अलग-अलग क्षेत्रों में बच्चों के लिए पार्क विकसित किए जाएं, जिससे उन्हें सुरक्षित वातावरण में खेलने और मनोरंजन का अवसर मिल सके।
*छह सूत्रीय मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपील*
ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन ने प्रशासन से ज्ञापन में शामिल सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि पेयजल, सड़क और स्वास्थ्य जैसी समस्याएं सीधे आम जनता के जीवन से जुड़ी हैं। विशेषकर ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को इन समस्याओं के कारण अधिक परेशानी उठानी पड़ती है।
