सियासी नज़र – महिला आरक्षण को ठेंगा दिखलाता ठेकेदार संघ का चुनाव 

( महिला पद आरक्षित नहीं – ठेकेदार महिलाओं में नाराजगी )

( चुनाव संचालन समिति पर उठ रहे सवालिया निशान )

किरंदुल – एनएमडीसी किरंदुल परियोजना में ठेकेदारों के हितों और अधिकारों के लिए गठित किरंदुल कॉन्टेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा तिथि के साथ चुनाव संचालन समिति ने अधिसूचना के माध्यम से जारी पत्र के माध्यम से कर दी थी। चुनाव संचालन समिति के द्वारा जारी चुनावी अधिसूचना के अनुसार नामांकन पत्र लेने की तिथि 17 जुलाई रखी गई थी और नामांकन पत्र जमा करने की तिथि 18 जुलाई रखी गई थी । तथा नाम वापसी की तिथि 19 जुलाई तथा स्कूटनी की तिथि भी 19 जुलाई के साथ साथ चुनाव चिन्ह आबंटन भी 19 जुलाई को ही रखा गया था ।साथ ही मतदान की तिथि 26 जुलाई के साथ साथ मतगणना भी 26 जुलाई को रखा गया था । जिसके बाद विजयी प्रत्याशियों की घोषणा भी प्रस्तावित थी । मिली जानकारी के अनुसार किरंदुल ठेकेदार संघ की चुनाव संचालन समिति ने एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के सिविल विभाग में इंलिस्टेड ठेकेदारों की सूची भी जारी कर दी थी । जो 26 जुलाई को किरंदुल ठेकेदार संघ के मतदान प्रणाली से होने वाले चुनाव में भाग ले सकते थे । परन्तु संघ के सभी प्रत्याशियों ने आपसी तालमेल दिखलाते हुए नाम वापसी के दिन एकजुटता का परिचय देते हुए आपसी तालमेल और सर्वमान्य रूप से नाम वापिस लेते हुए अध्यक्ष और सचिव के साथ साथ पूरी कमेटी को निर्विरोध निर्वाचित कर जहाँ एक तरह संघ के प्रति निष्ठा और संगठन को सर्वोपरि मानते हुए पूरी कमेटी को निर्विरोध चुना । वहीं दूसरी तरफ किरंदुल में हो रही मानसून की रिमझिम बारिश के बीच होटलों में चल रही गरमा गरम चाय के साथ यह भी चर्चा जोरों पर है कि ठेकेदार संघ के चुनाव को सम्पन्न करवाने के लिए गठित किरंदुल ठेकेदार कल्याण संघ की चुनाव संचालन समिति ने महिला आरक्षण को ठेंगा दिखलाते हुए वर्तमान ठेकेदार संघ के चुनाव में केंद्र सरकार और राज्य सरकार के द्वारा जारी महिला आरक्षण सिस्टम को नजरअंदाज करते हुए महिलाओं के आरक्षण को नजरअंदाज करते हुए महिला ठेकेदार के लिए कोई पद आरक्षित श्रेणी में नहीं रखा । फिलहाल सियासी नजरिए के हिसाब से इस मुद्दे ने किरंदुल की राजनेतिक फिजा को रिमझिम बारिश के बीच एक बार फिर से गरमा दिया है ।