छुरा वनपरिक्षेत्र के खरखरा सड़क किनारे बारह सिंगा की मौत। डीएफओ के कार्यकाल मे जन-वन-वन्यजीवों का सर्वाधिक हानि हुआ ।

छुरा वनपरिक्षेत्र के खरखरा सड़क किनारे बारह सिंगा की मौत।

डीएफओ के कार्यकाल मे जन-वन-वन्यजीवों का सर्वाधिक हानि हुआ ।

प्रकाश वर्मा सह संपादक खबरगंगा

छुरा:-इन दो वर्ष से गरियाबंद वनमंण्डल क्षेत्र के वनपरिक्षेत्रो में जितना जनहानि पशु हानि अवैध कटाई एंव वन्यजीवों के अंगों का तस्करी का मामले प्रकाश में आया हे पिछले पचास साल में भी नही हुआ है गरियाबंद वन मंण्डलाधिकारी मंयक अग्रवाल के कार्यकाल वन विभाग के लिए परेशानियों से भरा हुआ है । अग्रवाल से कर्मचारी भी नराज है सूत्रों के अनुसार अग्रवाल की राजनीतिक पकड कांग्रेस के दिल्ली दरबार तक होने के कारण छत्तीसगढ़ के सरकार भी हटाने का हिम्मत नही कर पा रही है ।।
गरियाबंद वन मंण्डल मे हाथियों से चार लोगों की मौत एंव हाथी की मौत से मंयक अग्रवाल का कुछ नही बिगडा लेकिन अन्य डीएफओ को एक हाथी की मौत पर हटा दिया गया ?अग्रवाल के कार्यकाल मे शेर हिरण तेंदुआ जंगली सूअर सहित अन्य वन्य जियो के अंगो की तस्करी करते पुलिस ने पकडा फिर भी अग्रवाल से जिम्मेदारी पर सवाल पूछने की हिम्मत राजधानी के अफसरो ,मंत्री तक नही हुआ ।अब क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने राज्यपाल छत्तीसगढ़ एंव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पावरफुल अफसर के विरुद्ध सात बिंदुओं मे जांच की मांग किये है ।

आज फिर छुरा मुख्यालय से लगे खरखरा में सड़क किनारे एक नर बारह सिंगा की अज्ञात कारणों से मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार आज बुधवार को प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लगभग 11 बजे के आसपास छुरा नगर से 3 किलो मीटर दूर ग्राम खरखरा स्थित नर्सरी के पास खरखरा की ओर से एक बारह सिंगा दौड़ते हुए सड़क किनारे गिर कर छटपटा रहा था और कुछ ही मिनट छटपटाने के बाद बारह सिंगा की मृत्यु हो गई जिसकी जानकारी ग्रामीणों द्वारा वनपरिक्षेत्र अधिकारी एस. डी. दीवान को फोन पर दिया गया जिसके बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा तत्काल घटना स्थल पहुच कर घटना का मुयायना किया गया कि कही शिकार का मामला तो नही वन परिक्षेत्र अधिकारी एस. डी. दीवान से चर्चा करने पर बताया कि उनको भी किसी ने फोन के माध्यम से जानकारी दी कि खरखरा नर्सरी के पास एक बारह सिंगा मृत अवस्था मे पड़ा है जिसके बाद तत्काल वनकर्मचारियो के साथ घटना स्थल पहुचकर देखने पर कहि भी मृत जानवर के शरीर पर चोट के निसान नही मिला उन्होंने संभावना जताया कि की हिरन खरखरा जलाशय पानी पीने आया होगा जिसे कुत्ते दौड़ाये होंगे वैसे भी हिरन बहुत कमजोर व भयभीत होते है हो सकता हो कुत्तों के दौड़ाने से डर की वजह से भी हिरन की मृत्यु हो गई हो।जंगल सफारी रायपुर से वन्यजीव डॉ राकेश वर्मा पहुच रहे है उनके आने के बाद मृत हिरन का पोस्ट मार्डम कराया जाएगा पोस्टमार्डम के बाद ही पता चल पाएगा कि हिरन की मृत्यु किन कारणों से हुई है।