*लो वोल्टेज व बिजली कटौती के लिए किसानों ने घेरा सबस्टेशन*

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छुरा- मड़ेली*/ गरियाबंद जिले के छुरा विकास खण्ड अन्तर्गत मड़ेली,खड़मा,कुरेकेरा,बम्हनी, जरगांव,कोरासी सहित आस-पास के दर्जनभर गांवों के किसान एवं ग्रामीणों ने सोमवार रात मड़ेली (खड़मा) सबस्टेशन का घेराव कर दिया। कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के मद्देनजर 13 दिनों का सम्पूर्ण लाकडाउन लगाया गया है। बढ़ते कोरोना के कारण लाकडाउन में लोग घर से बाहर नहीं निकल रहें हैं,घर के बाहर चिलचिलाती धूप और घर के अंदर लो वोल्टेज व अघोषित बिजली कटौती की समस्या लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है । फसल को बचाने ट्युबेल ही सिंचाई का एक मात्र साधन है, लेकिन बिजली कटौती व लो वोल्टेज की समस्या के कारण मोटर नहीं चल पा रहा है, पानी होते हुए भी खेतों में सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं, नल-जल योजना भी ठप्प हो गया है ,लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। गर्मी के कारण रात के समय लोग सो नहीं पा रहे हैं।
मड़ेली (खड़मा) सबस्टेशन के आसपास के गांवों के लगभग 200 ग्रामीण व किसानों ने सोमवार रात करीब 10 बजे मड़ेली (खड़मा) तथा मुड़ागांव स्थित सब-स्टेशन पहुंचे। किसानों ने विद्युत सबस्टेशन का घेराव कर दिया, किसानों ने रात 2 बजे तक सबस्टेशन का घेराव किया मौके पर मौजूद प्रभारी जेई विनय कुमार बाग के समक्ष नाराजगी जताई और कहा कि बार बार शिकायत के बाद भी बिजली व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया जा रहा है। अघोषित बिजली कटौती एवं लो वोल्टेज की समस्या से दर्जन भर से ज्यादा गांवों सैकड़ों किसान परेशान हैं। उक्त समस्याओं का निराकरण की मांग को लेकर तीन चार बार शिकायत किया जा चुका है लेकिन बिजली विभाग के अधिकारी आश्र्वासन देने के बाद भी व्यवस्था सुधार के काम नहीं कर रहे हैं।
गांवों में लो वोल्टेज की समस्या से लोग बेहाल हैं। बिजली से चलने वाले सभी उपकरण कूलर, फ्रिज, टीवी, पंखे आदि लो वोल्टेज के कारण शोपीस नजर आ रहे हैं। कई बार हाई व लो वोल्टेज होने की वजह से उपकरण भी जल गए हैं। छुरा ब्लाक के निम्न गांव – मड़ेली,खड़मा, रानीपरतेवा, करकरा, कुरेकेरा जरगांव, ऐस एक दर्जन से ज्यादा गांवों के लोग यह समस्या झेल रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि लो वोल्टेज के कारण ग्रामीण कंडील (लालटेन)का उपयोग करने मजबूर हो गए हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग का ध्यान आकृष्ट कराते हुए लो वोल्टेज की समस्या को दूर कराने की मांग को लेकर खड़मा सबस्टेशन का घेराव किया। ग्रामीण तथा किसानों ने छत्तीसगढ़ सरकार और विभागीय अधिकारियों पर रोष प्रकट करते हुए भूपेश बघेल हाय हाय, कांग्रेस सरकार हाय हाय, विद्युत विभाग हाय हाय नारे के साथ कहा कि कुर्सी तोड़ने वाले नेता व अधिकारी आराम फरमा रहे हैं।इन्हें किसानों एवं ग्रामीणों तथा छात्रों की समस्या दिखाई नहीं दे रही है। शिकायत करने के बावजूद भी अधिकारियों पर कोई एक्शन न असर । पिछले 2 महीने से ग्रामीण लो वोल्टेज की समस्याओं को झेल रहे हैं। ऐसे में अगर बिजली की समस्या ग्रामीणों को झेलनी पड़े तो जीवन व्यतीत करना बहुत मुश्किल हो जाता है।
आक्रोशित एवं परेशान ग्रामीण व ने कहा कि मड़ेली – खड़मा में विद्युत सबस्टेशन स्थापित तो किया गया है, लेकिन इसका सही लाभ क्षेत्र के लोगों को नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिना पूर्व सूचना के कभी लोड शेडिंग, कभी मेन्टनेंस, तो कभी 33 केवी में खराबी,आए दिन जर्जर तारों व जर्जर तारों के टूटने से बिजली आपूर्ति बाधा आ रही है के नाम पर घंटों बिजली बंद कर दी जाती है। इससे उपभोक्ता परेशान रहते हैं। गांवों में बिजली आपूर्ति व लो वोल्टेज के कारण किसानों की धान तथा अन्य फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। विभागीय अधिकारी असमय कटौती का कोई कारण भी नहीं बता पाते।
दिन रात अघोषित बिजली कटौती व लो वोल्टेज से गर्मी के दिनों में मौसम की मार भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं वहीं गर्मी के कारण रात के समय लोग सो नहीं पाते, जैसे जैसे पारा ऊपर चढ़ रहा है वैसे-वैसे भीषण गर्मी और उमस में अघोषित बिजली कटौती व लो वोल्टेज की कमी बढ़ रही है लोगों को बिजली की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
छुरा विकास खण्ड के मड़ेली (खड़मा) सबस्टेशन से कब बिजली आएगी और कब कटेगी इसकी कोई समय सारणी नहीं है।क्षेत्र के ग्रामवासी कंडील (लालटेन) का सहारा लेने मजबूर हो गए हैं।
*नागरिक पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं*
लो वोल्टेज व बिजली की आंख मिचौली खेल के कारण नल-जल योजनाओं के अंतर्गत पीने के पानी की सप्लाई ठीक से नहीं हो पा रहे हैं ,नगर सहित ग्राम पंचायतों में नलजल योजना भी ठप्प पड़ी है।ओवर हैड टैंक में ट्यूबवेलों से पानी भरा जाता है लेकिन लो वोल्टेज के कारण दिन रात में भी ओवरहैड टैंक नहीं भर पा रहे हैं। अगर पीने का पानी की सप्लाई ठीक से नहीं होगा तो नागरिकों का क्या हाल होगा।
परेशान किसानों ने बताया कि घंटों बिजली बंद होने के कारण खेतों में लगे पंप नहीं चल पा रहे हैं, कम(लो) पावर के पंप भी नहीं चल पा रहे है। स्टाटर भी नहीं उठा रहें हैं। हम किसानों को रबी की धान तथा सब्जि बाड़ियों के चौपट होने की चिंता सताने लगी है, गांव में भी लो वोल्टेज व अघोषित बिजली आपूर्ति के कारण कुलर, पंखा,फ्रिज, टीवी बेजान हो गए है। ग्रामीण भीषण गर्मी और उमस, मच्छर के कारण रात को सो नहीं पा रहे हैं। अनियमित विद्युत आपूर्ति व लो वोल्टेज से लोगों का जीना हराम हो गया है।
किसानों ने अघोषित बिजली कटौती व लो वोल्टेज की समस्या से परेशान आक्रोशित किसानों , ग्रामीणों ने मड़ेली- खड़मा सबस्टेशन का घेराव किया।
किसान व ग्रामीण, ने सबस्टेशन का घेराव कर कहा कि प्रदेश की भूपेश सरकार बड़ी-बड़ी बातें कर सत्ता में आए । आने के बाद सब कुछ भूल गए है। हमारी सरकार किसान हितैषी है, बिजली बिल हाप, ऐसे कई वादे किए हैं। लेकिन किसान हितैषी कहने वाला सरकार आज किसानों को खून की आंसू रूला रहा है।
किसान तथा ग्रामीण लो वोल्टेज व बिजली कटौती की समस्या को शीघ्र पहल नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
*जल ही जीवन है*
*दो गज दूरी,मास्क जरूरी*
*साबुन से बार बार हाथ धोएं*
*सेनेटाइजर का उपयोग करें*
