प्रमोद दुबे
महासमुंद – विगत वर्षा की भांति वर्ष 2024.25 में मछलियों की वंश वृद्धि प्रजनन को दृष्टिगत रखते हुए 16 जून से 15 अगस्त तक मत्स्याखेट प्रतिबंधित रहेगा। सहायक संचालक मछली पालन ने बताया कि वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि हेतु उन्हें संरक्षण देने के लिए राज्य में उन सभी तालाबों एवं जल स्त्रोतों में जिनका संबंध नदी नालों से नहीं है, इसके अतिरिक्त जलाशयों में किए जा रहे केज कल्चर को छोड़कर सभी प्रकार के जल संसाधनों में मत्स्याखेट कार्य पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। इन नियमों का उल्लंघन करने पर छग राज्य मत्स्य क्षेत्र संशोधित अधिनियम के नियम.3;5 के अंतर्गत अपराध सिद्ध होने पर एक वर्ष का कारावास अथवा 10 हजार रुपए का जुर्माना अथवा दोनों एक साथ होने का प्रावधान है।
